गाजियाबाद (शिखर समाचार)। बीमा पॉलिसी का रिफंड कराने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में दो ठग को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। ठग के खिलाफ दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान तीन राज्यों में करीब 24 लाख रुपये की साइबर ठगी की घटनाओं का खुलासा हुआ है।
बीमा पॉलिसी रिफंड के नाम पर 11 लाख की ठगी
इसी कड़ी में गाजियाबाद के कविनगर क्षेत्र निवासी रमेश कुमार शर्मा से बीमा पॉलिसी का रिफंड कराने के नाम पर 11 लाख रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर साइबर क्राइम टीम जांच में जुटी थी। जांच के दौरान पुलिस ने सुनील कुमार और आशीष शर्मा को थाना कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार किया। इनके पास से घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। ठगी की रकम में से 1.43 लाख रुपये को फ्रीज कराया गया है, जिसे एनसीआरपी पोर्टल की एसओपी के अनुसार पीड़ित को वापस कराने की कार्रवाई चल रही है।
पूछताछ में ठगों ने पुलिस को बताया कि वह पहले नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एक बीमा पॉलिसी ब्रोकिंग कंपनी में कॉलिंग का काम करते थे। वहां काम करने के दौरान उन्हें ग्राहकों का बीमा संबंधी डाटा मिलता था। उन्होंने इसी डाटा का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए करना शुरू कर दिया। वह ग्राहकों को बीमा पॉलिसी की विभिन्न सेवाओं और रिफंड के नाम पर फोन करते तथा अलग-अलग टैक्स और शुल्क जमा कराने की बात कहकर अपने बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करा लेते थे। उनके पास पहले से पीड़ितों की बीमा पॉलिसी से जुड़ी जानकारी होती थी। इसी कारण फोन करने पर पीड़ितों को उन पर आसानी से भरोसा हो जाता था।
फर्जी आईकार्ड भेजकर कायम करते थे भरोसा
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विश्वास कायम करने के लिए वह इंटरनेट से बीमा कंपनी के कर्मचारियों के आईकार्ड डाउनलोड कर उन्हें व्हाट्सऐप के जरिए पीड़ितों को भेजते थे। सुनील कुमार कथित तौर पर केके पांडेय और आशीष शर्मा पवन कुमार पटेल नाम से बीमा एजेंट बनकर लोगों को फोन करते थे। साइबर ठगी के लिए बीमा कंपनी का डाटा और बैंक खातों की व्यवस्था आशीष शर्मा करता था।
इनसे बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में पुलिस को गाजियाबाद के अलावा तेलंगाना और महाराष्ट्र में भी साइबर ठगी की घटनाओं का पता चला। हैदराबाद निवासी बृजेश कुमार मौर्य से करीब 2.50 लाख रुपये और महाराष्ट्र के डोम्बीवली निवासी सतीश विनायक नाके से करीब 9.87 लाख रुपये की ठगी हुई थी। इस तरह तीन घटनाओं में करीब 24 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है।
पुलिस को इनके मोबाइल फोन से अन्य लोगों के साथ हुई व्हाट्सऐप चैट भी मिली हैं। इनके आधार पर साइबर क्राइम टीम अन्य संभावित ठगी की घटनाओं का पता लगाने में जुटी है। गिरफ्तार ठगों की पहचान सुनील कुमार निवासी अलीगढ़ और आशीष शर्मा निवासी फरीदाबाद के रूप में हुई है। दोनों 12वीं तक शिक्षित हैं।
