गाजियाबाद (शिखर समाचार)। आईटीएस मोहन नगर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित ‘ओरिएंटेशन-2026’ कार्यक्रम के तहत बिजनेस, तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बदलते स्वरूप पर विशेष परिचर्चा आयोजित की गई। चाणक्य सभागार में आयोजित पैनल चर्चा का विषय ‘बिजनेस, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का संगम’ रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और उद्योग विशेषज्ञों से करियर को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ एम्स नई दिल्ली के मुख्य सूचना अधिकारी डॉ. सुशील कुमार मेहर, कॉन्टेक ग्लोबल के ग्रुप मुख्य सूचना प्रौद्योगिकी अधिकारी भरत आनंद, एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड के महाप्रबंधक अवनीश वत्स, ईवाई पार्थेनॉन-जीडीएस के एसोसिएट मैनेजर अंशुल गुप्ता, आईटीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के उपाध्यक्ष अर्पित चड्ढा, आईटीएस स्नातक परिसर की प्रधानाचार्य डॉ. नैंसी शर्मा और डीन एकेडमिक्स डॉ. विदुषी सिंह ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
अर्पित चड्ढा ने कहा कि बिजनेस, तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। एआई भविष्य के व्यवसाय को बदलने वाली महत्वपूर्ण शक्ति है। विद्यार्थियों को इसे केवल तकनीकी उपकरण नहीं, बल्कि सीखने, नवाचार और समाज की समस्याओं के समाधान के माध्यम के रूप में अपनाना चाहिए।
एआई को सीखने और नवाचार के माध्यम के रूप में अपनाएं विद्यार्थी
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डॉ. नैंसी शर्मा ने कहा कि बिजनेस की समझ, तकनीकी ज्ञान और एआई का समन्वय आज सफलता की कुंजी है। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को डेटा विश्लेषण, डिजिटल तकनीक, संवाद कौशल, समस्या समाधान, नेतृत्व क्षमता और परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने जैसी क्षमताएं विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एआई रोजगार खत्म करने के बजाय काम करने के तरीके बदल रहा है।
परिचर्चा के दौरान विद्यार्थियों ने रोजगार, इंटर्नशिप, उच्च शिक्षा, तकनीकी कौशल और उद्योग की अपेक्षाओं से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, परियोजनाओं, अध्ययन-विषय आधारित कार्य और उद्योग से जुड़ने के अवसरों का लाभ उठाने की सलाह दी।
