हापुड़ (शिखर समाचार) भारतीय किसान यूनियन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के युवा अध्यक्ष एकलव्य सिंह सहारा ने भारत सरकार के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर किसानों से जुड़ी गंभीर और लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस भेंट के दौरान किसानों को हो रही व्यावहारिक परेशानियों, प्रशासनिक लापरवाही और भुगतान संबंधी अड़चनों पर विस्तार से चर्चा की गई।
किसानों की सहमति के बिना टैगिंग: योजनाओं से वंचित हो रहा अन्नदाता
एकलव्य सहारा ने विशेष रूप से किसानों को बिना सहमति के दी जा रही अनिवार्य पहचान अंकन (टैगिंग) की समस्या को मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के कारण कई किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है और उनके अभिलेखों में अनावश्यक जटिलताएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने मांग की कि इस तरह की प्रक्रिया को स्वैच्छिक बनाया जाए और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि जहां भी जबरन पहचान अंकन की शिकायतें सामने आएंगी, वहां संबंधित विभागों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे।
लंबित भुगतान की मार: किसानों की मेहनत का इंतज़ार कब होगा
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भेंट के दौरान उत्कल कंपनी द्वारा किसानों का लंबित भुगतान न किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। एकलव्य सहारा ने कहा कि भुगतान में हो रही देरी से किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है और उन्हें खेती संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर मंत्री ने शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाया।
बैठक के पश्चात एकलव्य सहारा ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर है और कृषि मंत्री निरंतर किसान हित में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसानों से जुड़े सभी लंबित मामलों का शीघ्र समाधान होगा और उन्हें राहत मिलेगी।
