बिजनौर (शिखर समाचार)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बिजनौर में आयोजित जनसभा में कहा कि वर्ष 2017 से पहले बिजनौर अराजकता, अपराध और भय का प्रतीक बन चुका था, जबकि आज यह जिला विकास, सुशासन और बेहतर कानून व्यवस्था की नई पहचान बन गया है। मुख्यमंत्री जिले की 76 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि पहले गन्ना किसानों को भुगतान के लिए वर्षों तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कराया है। विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों को “जिन्ना” पसंद था, जबकि उनकी सरकार को “गन्ना” पसंद है।
अपराध और माफिया के खिलाफ सख्ती से बदली कानून व्यवस्था
कानून व्यवस्था का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी के उप पुलिस अधीक्षक तंजील अहमद की हत्या की घटना को तत्कालीन शासन व्यवस्था की विफलता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में अपराधियों और माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई के कारण आम नागरिक, व्यापारी और बेटियां सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा, रामनवमी और दुर्गा पूजा जैसे धार्मिक आयोजनों में बाधाएं उत्पन्न होती थीं, जबकि अब सभी पर्व शांति और उत्साह के साथ संपन्न हो रहे हैं।
विस्थापित सिख परिवारों को मिला भूमि का अधिकार
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मुख्यमंत्री ने कहा कि देश विभाजन के बाद पाकिस्तान और बांग्लादेश से विस्थापित होकर बिजनौर पहुंचे लगभग तीन हजार सिख परिवारों को वर्तमान सरकार ने भूमि का मालिकाना अधिकार देकर न्याय दिलाया है। उन्होंने कहा कि आज बिजनौर आधुनिक राजमार्ग, मेडिकल कॉलेज और गन्ना उत्पादन के लिए नई पहचान बना चुका है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
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कार्यक्रम में कपिल देव अग्रवाल, चंदन चौहान, शुचि चौधरी, सुशांत सिंह, अशोक राणा, ओम कुमार, अशोक कटारिया, सकेन्द्र प्रताप सिंह, हरि सिंह ढिल्लों, जयपाल सिंह व्यस्त, नवाब सिंह नागर, भूपेंद्र चौहान, दीपमाला संतोषी, अनूप वाल्मीकि, अवनी सिंह, संगीता अग्रवाल, हरजिंदर कौर, भारतेंदु सिंह, यशवंत सिंह, महावीर सिंह, कमलेश सैनी और इंदिरा सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
