खतौली/मुजफ्फरनगर (शिखर समाचार)। कुन्दकुन्द जैन स्नातकोत्तर महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग के तत्वावधान में “दृश्य-श्रव्य साधनों के माध्यम से महिलाओं में जागरूकता” विषय पर एक दिवसीय अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण और डिजिटल माध्यमों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
दृश्य-श्रव्य माध्यमों से महिलाओं में बढ़ रही जागरूकता
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अंकिता त्यागी ने कहा कि डिजिटल युग में सिनेमा, लघु फिल्में, वृत्तचित्र और सोशल मीडिया जैसे दृश्य-श्रव्य साधन महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जो संदेश पुस्तकों या भाषणों के माध्यम से लंबा समय लेकर समझाया जाता है, वही संदेश एक प्रभावशाली वीडियो या फिल्म कुछ ही मिनटों में समाज तक पहुंचा देता है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों पर बढ़ा प्रभाव
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अंकिता त्यागी ने बताया कि स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा और कानूनी अधिकारों जैसे विषयों पर इन माध्यमों ने विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि इन साधनों ने महिलाओं को केवल जानकारी ही नहीं दी, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी और अपने अधिकारों के प्रति सजग भी बनाया है।
व्याख्यान के बाद आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में छात्राओं ने मीडिया के सकारात्मक उपयोग और महिला सशक्तिकरण में इसकी भूमिका पर मुख्य वक्ता से संवाद किया। अंकिता त्यागी ने छात्राओं के प्रश्नों का विस्तार से उत्तर देते हुए उन्हें जिम्मेदार और रचनात्मक मीडिया उपयोग के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन और उपस्थित गणमान्य
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कार्यक्रम का समापन डॉ. पूजा पुण्डीर सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अरविन्द राणा ने की।
इस अवसर पर लगभग 122 छात्राएं, प्राध्यापक, शोधार्थी और कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दृश्य-श्रव्य माध्यमों की उपयोगिता और महिला उत्थान में उनकी भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई।
