नगीना/बिजनौर (शिखर समाचार) माहिगीर बिरादरी ने अपने कब्रिस्तान की जमीन पर दबंगई के सहारे कब्जा करने की कोशिश किए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए शनिवार को तहसीलदार अमरपाल सिंह को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। बिरादरी से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो माहौल बिगड़ने की आशंका है।
सपा नेता शमशाद रशीद के नेतृत्व में तहसील पहुंचे लोग, मोहल्ला सरायमीर के पुराने कब्रिस्तान की स्थिति पर दिया ज्ञापन
सपा नेता शमशाद रशीद माहिगीर की अगुवाई में तहसील पहुंचे दर्जनों लोगों ने ज्ञापन में बताया कि मोहल्ला सरायमीर में माहिगीर (मछीयारा) समाज का एक पुराना कब्रिस्तान मौजूद है, जिसका खसरा नंबर 112 और कुल रकबा करीब 1 बीघा है। आबादी बढ़ने के चलते पहले इसे पंचायत घर के रूप में इस्तेमाल में लाया गया और बाद में कब्रिस्तान दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि कब्रिस्तान से सटे खसरा नंबर 114 की भूमि पूर्व मालिकों ने कृपाल सैनी और सलीम को बेच दी, जिस पर अब रिहायशी आबादी बस चुकी है। आरोप है कि इसी बहाने मोहल्ला सरायमीर निवासी सलीम अहमद (सरकड़िया) पुत्र हाजी अब्दुल और मोहल्ला मिलकियान तकी सराय, स्योहारा निवासी फैसल मेहताब पुत्र मेहताब अली राजनीतिक रौब दिखाकर कब्रिस्तान की शेष जमीन पर कब्जा जमाने की फिराक में हैं। बताया गया कि दोनों खुद को बीजेपी से जुड़ा हुआ बताकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
माहिगीर बिरादरी की चेतावनी: कब्रिस्तान पर कब्जा भावनाओं को आहत कर सकता है, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
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बिरादरी के लोगों का कहना है कि कब्रिस्तान समाज की आस्था से जुड़ा स्थान है, और भूमि पर कब्जा हुआ तो माहिगीर समुदाय की भावनाएं आहत होंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए तो मौके पर तनाव पैदा हो सकता है।
ज्ञापन देने वालों में फहीम अहमद, अहसान, जमालुद्दीन, गुलजार, जैनुल आबिदीन, सरफराज, नसीम अहमद, नूर अहमद सहित बड़ी संख्या में माहिगीर बिरादरी के लोग शामिल रहे।
