शासन की योजनाओं को गति देना प्राथमिकता : मुकेश चन्द्रा

Rashtriya Shikhar
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Accelerating government schemes is a priority: Mukesh Chandra IMAGE CREDIT TO उपाध्यक्ष फाइल फोटो

हापुड़ (शिखर समाचार)।
हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण के नव नियुक्त उपाध्यक्ष मुकेश चन्द्रा ने कहा कि केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को गति दी जाएगी और आमजन को योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।

जनसुनवाई और समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर

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उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुना जाएगा और प्राथमिकता के आधार पर उसका निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा। आमजन को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होना पड़े, इसके लिए व्यवस्था को और अधिक सुचारु बनाया जाएगा।

मुकेश चन्द्रा ने अपने प्रशासनिक अनुभव के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वह वर्ष 2004 बैच के प्रांतीय सिविल सेवा अधिकारी रहे हैं और वर्ष 2018 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत हुए। उनकी पहली तैनाती फिरोजाबाद में हुई थी। इसके बाद उन्होंने बरेली, मुरादाबाद सहित कई जनपदों में उप जिलाधिकारी के रूप में कार्य किया। मेरठ में नगर मजिस्ट्रेट के पद पर भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई। बहराइच में मुख्य विकास अधिकारी के रूप में कार्य करने के उपरांत शासन द्वारा उनका तबादला हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर किया गया है।

आवासीय योजनाओं को गति देने की प्राथमिकता

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उन्होंने बताया कि प्राधिकरण की विभिन्न आवासीय योजनाओं को गति देना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। इनमें आनंद विहार आवासीय योजना, प्रीत विहार प्रथम एवं द्वितीय आवासीय योजना, हरिपुर आवासीय योजना तथा गढ़मुक्तेश्वर स्थित गंगाधाम आवासीय योजना प्रमुख हैं। इन योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में सुव्यवस्थित आवासीय विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।

उपाध्यक्ष ने कहा कि वह प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक कार्यालय में बैठकर जनसुनवाई करेंगे, ताकि अंतिम व्यक्ति तक न्याय और समाधान पहुंच सके। उनका प्रयास रहेगा कि प्रत्येक फरियादी की समस्या का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को भी निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही न बरती जाए और कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखी जाए।

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