रबूपुरा/ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों की समस्याओं को लेकर बुधवार को रौनीजा के पास यमुना एक्सप्रेस-वे के समानांतर फलैदा कट पर भाकियू (लोकशक्ति) के नेतृत्व में एक विशाल महापंचायत का आयोजन हुआ। बीते करीब 90 दिनों से जारी धरना-प्रदर्शन के तहत आयोजित इस महापंचायत में 18 से अधिक किसान संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे और एकजुटता का संदेश दिया।
किसानों की 11 सूत्रीय मांगों पर महापंचायत में चेतावनी — श्यौराज सिंह ने प्रशासन पर उठाया सवाल
महापंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू (लोकशक्ति) के अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह ने कहा कि किसान अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर तीन माह से अधिक समय से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन न तो यमुना प्राधिकरण और न ही जिला प्रशासन कोई ठोस कदम उठा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन का यह उपेक्षापूर्ण रवैया किसानों को अब मंजूर नहीं।
किसानों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2009 में किए गए भूमि अधिग्रहण की विसंगतियों को आज तक दूर नहीं किया गया है। जेवर एयरपोर्ट से प्रभावित परिवार शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। विस्थापित लोगों को पुनर्वास के तहत जो भूखंड मिलने थे, उनकी रजिस्ट्री अब तक नहीं कराई गई।
किसानों की महाप्राथमिकताएं: आरक्षण, मुआवजा और ग्रामीण विकास पर जोर
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किसानों ने मांग की कि क्षेत्र में स्थापित होने वाले शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और कंपनियों में स्थानीय युवाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। साथ ही भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत सभी किसानों को लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अधिग्रहण के समय गांवों की आबादी के चारों ओर 500 मीटर भूमि सुरक्षित रखी जाए और किसानों को मुआवजे में दिए जाने वाले भूखंड सेक्टर योजना के अंतर्गत दिए जाएं। गांवों में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता सुधारने और प्रत्येक गांव में घरौनी व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
महापंचायत में पहुंचे यमुना प्राधिकरण के एसडीओ शैलेंद्र सिंह और एसडीएम जेवर अभय कुमार सिंह को किसानों ने ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
किसानों की अगली रणनीति पर फैसला 18 नवंबर को रौनीजा बैठक में
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मास्टर श्यौराज सिंह ने घोषणा की कि धरना-प्रदर्शन की आगे की रणनीति पर अंतिम निर्णय 18 नवंबर को रौनीजा में होने वाली बैठक में लिया जाएगा।
इस मौके पर भाकियू (महासभा), किसान एकता संघ, भाकियू (भानू), भाकियू (भूमिपुत्र), भाकियू (अन्नदाता), भाकियू (अराजनैतिक) समेत करीब 20 किसान संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। पूरा क्षेत्र ‘किसान एकता जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा।
