गढ़मुक्तेश्वर/हापुड़ (शिखर समाचार)। कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर गढ़ गंगा का ऐतिहासिक मेला रविवार को अपने पूरे उल्लास पर रहा। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ मां गंगा के तट पर उमड़ी, इसी दौरान भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी अपने समर्थकों के साथ ट्रैक्टर पर सवार होकर मेले में पहुंचे। उनका काफिला जैसे ही गढ़ गंगा की सीमा में दाखिल हुआ, जय जवान जय किसान के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
राकेश टिकैत ने मां गंगा की आरती में किया जल अर्पण: किसानों की समृद्धि और जीवन से जुड़े सांस्कृतिक महत्व पर जताई भावना
घाट पर पहुंचकर राकेश टिकैत ने मां गंगा की आरती में हिस्सा लिया और जल अर्पित कर देश-प्रदेश के किसानों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मां गंगा केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं हैं, बल्कि यह हमारी मिट्टी, हमारी मेहनत और हमारी जीवंत संस्कृति की पहचान हैं। किसान जब अपने खेतों में पसीना बहाता है, तो वह गंगा की तरह ही धरती को जीवन देता है।
राकेश टिकैत ने गंगा मेले में दी प्रेरक सीख: एकता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी से किसानों को मजबूत बनाने का संदेश
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उन्होंने कहा कि इस मेले की परंपरा केवल स्नान या दर्शन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह हमारे भीतर एकता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव भी जगाती है। उन्होंने उपस्थित किसानों से अपील की कि मां गंगा से प्रेरणा लेकर खेतों में नई ऊर्जा और एकजुटता के साथ काम करें, तभी गांव और किसान मजबूत होंगे।

इस दौरान भाकियू के जिला अध्यक्ष दिनेश खेडा, कुंवर खुशनूद जूनियर सहित संगठन के अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने फूलमालाएं पहनाकर राकेश टिकैत का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके साथ गंगा आरती में भाग लिया। पूरा मेला परिसर हर-हर गंगे और जय किसान के नारों से गूंज उठा।
