छात्रवृत्ति, नशामुक्ति और आदर्श गांवों के विकास पर जोर, केंद्र की योजनाओं की समीक्षा

Rashtriya Shikhar
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Emphasis on Scholarships, Drug De-addiction, and Development of Model Villages; Review of Central Government Schemes — IMAGE CREDIT TO सूचना विभाग

देहरादून (शिखर समाचार)। उत्तराखंड में केंद्र सरकार की सामाजिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों तक उनका लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बुधवार को बीजापुर गेस्ट हाउस में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अपर सचिव मोना खंधार की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाधिकारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। बैठक में योजनाओं की प्रगति, बजट की जरूरतों और नए प्रस्तावों पर चर्चा की गई।

सामाजिक कल्याण योजनाओं की समीक्षा, नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना के निर्देश

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बैठक में प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना, छात्रवृत्ति योजनाओं, नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, राष्ट्रीय नशामुक्ति कार्य योजना और स्माइल योजना की समीक्षा की गई। मोना खंधार ने कारागारों में नशामुक्ति केंद्र स्थापित करने तथा सेलाकुई स्थित राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण में नशामुक्ति केंद्र की स्थापना के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। स्माइल योजना के बेहतर संचालन और समन्वय के लिए राज्य नोडल अधिकारी नामित करने को भी कहा गया।

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत घोषित आदर्श गांवों की ग्राम विकास योजनाएं दीपावली से पहले तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। छात्रवृत्ति योजनाओं पर चर्चा के दौरान सहायक निदेशक हेमलता पांडे ने अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति में केंद्र और राज्य के वित्तीय अंशदान का अनुपात 60:40 से बदलकर 90:10 करने का अनुरोध किया। उन्होंने आवेदन के समय ही आधार से जुड़ाव की स्थिति जांचने और अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने की मांग रखी।

छात्रवृत्ति बजट बढ़ाने और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर

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बैठक में नागरिक अधिकार संरक्षण और अत्याचार निवारण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अतिरिक्त धनराशि, ट्रांसजेंडर समुदाय के पुनर्वास हेतु गरिमा गृह की स्थापना तथा राष्ट्रीय निगमों की राज्य सरकार की गारंटी संबंधी बाध्यता में राहत के विकल्पों पर भी चर्चा हुई। अपर सचिव ने योजनाओं के लक्ष्य समय पर पूरे करने और विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया।

बैठक में एडीजी एपी अंशुमान, संयुक्त निदेशक जीआर नौटियाल, सचिव पिछड़ा वर्ग आयोग गोरधन सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, अपर आयुक्त अनिल पेटवाल, संयुक्त निदेशक डॉ. बर्मन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। निदेशक समाज कल्याण संजय कुमार हल्द्वानी से ऑनलाइन जुड़े। अंत में उन्होंने अधिकारियों को निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।

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