नगीना/बिजनौर (शिखर समाचार)। मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर लखनऊ में धरने में शामिल होने जा रही नगीना ब्लॉक की आशा कार्यकर्ताओं ने चलती ट्रेन में गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराकर मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की। इस सराहनीय कार्य की क्षेत्र में चर्चा हो रही है और लोग आशा कार्यकर्ताओं की तत्परता की प्रशंसा कर रहे हैं।
चलती ट्रेन में गर्भवती महिला को शुरू हुई प्रसव पीड़ा
जानकारी के अनुसार, नगीना, नजीबाबाद, धामपुर, स्योहारा और कोतवाली ब्लॉक की सैकड़ों आशा कार्यकर्ता 7 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे जनता एक्सप्रेस से लखनऊ जा रही थीं। इसी दौरान ट्रेन में सफर कर रही गर्भवती महिला हेमा देवी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला की हालत देखकर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
ऐसे कठिन समय में आशा कार्यकर्ताओं ने सूझबूझ और तत्परता का परिचय दिया। उन्होंने एकजुट होकर महिला की मदद की और चलती ट्रेन में ही सामान्य प्रसव कराया। उनके प्रयासों से महिला ने बेटी को जन्म दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ और सुरक्षित हैं।
नवजात बेटी को देखकर भावुक हुईं हेमा देवी
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नवजात बेटी को गोद में देखकर हेमा देवी भावुक हो गईं। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थिति में उनकी मदद कर मानवता की मिसाल पेश की है। उन्होंने इस सहयोग को जीवनभर याद रखने की बात कही।
आशा कार्यकर्ताओं के इस प्रयास ने आपात परिस्थितियों में उनकी तत्परता और सेवाभाव को उजागर किया है। मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन के लिए जा रहीं इन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने रास्ते में जरूरतमंद महिला की सहायता कर अपने सामाजिक दायित्व का भी परिचय दिया।
