हरिद्वार (शिखर समाचार)। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बुधवार को भूपतवाला क्षेत्र के पुराना एआरटीओ चौक, सप्तऋषि मार्ग सहित आसपास के क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर सड़क, सीवरेज, पेयजल, विद्युत और सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। सीवरेज कार्य के बाद सड़कों की मरम्मत और पुनर्स्थापना का काम धीमी गति से मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क मरम्मत का काम गुणवत्ता मानकों के अनुरूप एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए। लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सड़कों की मरम्मत एक सप्ताह में पूरी करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को सीवरेज कार्य के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और पुनर्स्थापना एक सप्ताह में कराने के निर्देश दिए। साथ ही क्षतिग्रस्त सीवर चैंबरों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दुरुस्त करने को कहा। राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों का निरीक्षण कर 15 अक्टूबर 2026 तक उन्हें गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने मरम्मत कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
पेयजल, विद्युत और सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश
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जल संस्थान को क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को एक सप्ताह में ठीक कराने तथा विद्युत विभाग को अनधिकृत होर्डिंग, पोस्टर और बैनर हटाने के निर्देश दिए गए। विद्युत बॉक्स और अव्यवस्थित तारों को भी दुरुस्त करने को कहा गया। नगर निगम अधिकारियों को सफाई व्यवस्था सुधारने और नालों की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि भूपतवाला और सप्तसरोवर क्षेत्र श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय से निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करें। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त नंदन कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
