हरिद्वार (शिखर समाचार)। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को गति देने के साथ हरिद्वार की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की कवायद भी तेज हो गई है। मेलाधिकारी सोनिका ने पौराणिक भीमगोड़ा कुंड का स्थलीय निरीक्षण कर इसके जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का जिम्मा हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण को सौंपते हुए कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंड की धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्ता को देखते हुए इसके संरक्षण और बेहतर रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है।
उन्होंने प्राधिकरण के सचिव प्रत्यूष सिंह को योजना और रूपरेखा को आवश्यक मंजूरी के बाद तत्काल कार्य शुरू कराने को कहा। कुंड की सफाई, जलापूर्ति, सीढ़ियों के सुधार, क्षतिग्रस्त पत्थरों को बदलने, रेलिंग व्यवस्थित करने और आकर्षक प्रवेश द्वार बनाने के निर्देश दिए गए। परिसर स्थित मंदिरों और धार्मिक संरचनाओं के सौंदर्यीकरण तथा बेहतर प्रकाश व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। आसपास के भवनों के अग्रभाग को निर्धारित स्वरूप में विकसित करने तथा प्रवेश द्वार के पास अनियोजित वाहन खड़े करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
भीमगोड़ा कुंड का होगा जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण
मेलाधिकारी ने रोड़ी बेलवाला में चल रहे पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण कर समतलीकरण जल्द पूरा करने तथा इसके बाद प्रकाश, शौचालय और अन्य जनसुविधाओं के कार्य प्राथमिकता से कराने को कहा। उन्होंने क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त रखने और वेंडिंग क्षेत्र को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन प्रशासनिक मार्ग और घाटों के सुदृढ़ीकरण कार्यों की भी समीक्षा की गई। घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था और आस्था पथ के कार्यों में तेजी लाने को कहा गया।
कुंभ-2027 के कार्यों में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
दूधाधारी चौक से ज्वालापुर तक प्रस्तावित सड़क नवीनीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए मेलाधिकारी ने साधु-संतों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और अन्य हितबद्ध लोगों के सुझावों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। सड़क के साथ फुटपाथ, रेलिंग और जल निकासी की समुचित व्यवस्था के अलावा प्रकाश और सौंदर्यीकरण कार्य भी योजनाबद्ध तरीके से कराने को कहा गया। उन्होंने कहा कि कुंभ-2027 से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण हों तथा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।
इस दौरान अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, प्रत्यूष सिंह, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
