हापुड़ (शिखर समाचार)। राष्ट्रीय शिखर समाचार पत्र में 28 अगस्त 2026 के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था जिस पर कार्यवाही करते हुए जिले की बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया है। उच्च प्राथमिक विद्यालय भड़ंगपुर में तैनात सहायक अध्यापक आनंद सैनी को सोशल मीडिया पर प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करना भारी पड़ गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपा भाटी ने 31 अगस्त को शिक्षक को निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद शिक्षक ने भी विभागीय अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने निलंबन आदेश निरस्त करने के साथ एक अन्य शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने और विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
सोशल मीडिया वीडियो के बाद शिक्षक निलंबित
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपा भाटी के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हो रहा था, जिसमें आनंद सैनी द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के लिए कथित तौर पर गाली-गलौज और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी हापुड़ से कराई गई। जांच में वीडियो में शिक्षक द्वारा अधिकारियों के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने तथा लेखाधिकारी हापुड़ के साथ भी कथित रूप से अनुचित व्यवहार किए जाने की पुष्टि हुई। निलंबन अवधि में शिक्षक को उच्च प्राथमिक विद्यालय सेहल, गढ़मुक्तेश्वर से संबद्ध किया गया है। मामले की विभागीय जांच खंड शिक्षा अधिकारी धौलाना को सौंपी गई है।
निलंबित शिक्षक ने दूसरे शिक्षक पर लगाए आरोप
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निलंबन के अगले दिन आनंद सैनी ने बीएसए को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनका पक्ष सुने बिना एकपक्षीय जांच के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि 22 अगस्त को वह अपने बच्चे से संबंधित कार्य के लिए खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय हापुड़ गए थे। इसी दौरान पूठा हुसैनपुर में तैनात सहायक अध्यापक अशोक कुमार ने बीच में हस्तक्षेप कर उनके साथ अभद्रता की और चोरी-छिपे वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। शिक्षक ने अखबार में खबर प्रकाशित कराने के लिए सांठ-गांठ करने का भी आरोप लगाया है।

सैनी ने आरोप लगाया कि अशोक कुमार तहसील धौलाना के बरामदे में यह कह रहा था कि उसने प्रधानाध्यापक राजकुमार शर्मा के साथ मिलकर झूठी शिकायत कराई और उन्हें निलंबित कराया। शिक्षक ने बीएसए से निलंबन आदेश निरस्त करने तथा अशोक कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
