शामली (शिखर समाचार)। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी आलोक यादव की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा की गई। अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पात्र लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
कुपोषित बच्चों के उपचार और पोषण पर विशेष जोर
जिला कार्यक्रम प्रबंधक आशुतोष कुमार श्रीवास्तव ने विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति का प्रस्तुतीकरण किया। जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक कुपोषित बच्चों को भर्ती कराकर उनका समुचित उपचार और पोषण संबंधी देखभाल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए उनकी नियमित निगरानी और उपचार जरूरी है।
नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में उपचार की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था करने को कहा। चिकित्सकों की कमी को देखते हुए बेहोशी विशेषज्ञों की उपलब्धता पर भी चर्चा की गई। उन्होंने आवश्यकतानुसार फोन पर उपलब्ध सेवा के माध्यम से बेहोशी विशेषज्ञों को सूचीबद्ध कराने के निर्देश दिए।
संतोषजनक जानकारी नहीं देने पर चिकित्सा अधीक्षक से नाराजगी
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांधला के चिकित्सा अधीक्षक द्वारा विभागीय बिंदुओं पर संतोषजनक जानकारी नहीं दिए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बृजेन्द्र शुक्ल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तृतीय कुमार सक्सेना, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अतुल बंसल, जिला सूचना अधिकारी डॉ. करन चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
