श्रीराम मंदिर से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग, एमएलसी ने सदन में उठाया मुद्दा

Rashtriya Shikhar
2 Min Read
Demand for an Impartial Investigation into Matters Related to the Shri Ram Temple; MLC Raises the Issue in the House IMAGE CREDIT TO एमएलसी किरण पाल कश्यप

शामली (शिखर समाचार)।

विधान परिषद में श्रीराम मंदिर से जुड़े मामलों की जांच की मांग

ALSO READ:https://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-indirapuram-woman-death-family-halts-last-rites-demands-probe-40199229.html

समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य किरण पाल कश्यप ने विधान परिषद में अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर से जुड़े विभिन्न मामलों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर निर्माण अथवा उससे संबंधित किसी भी कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना था कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस विषय में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

निर्माण कार्य, भूमि खरीद और व्यवस्थाओं की स्वतंत्र जांच पर जोर

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/humorous-poetry-recitation-by-shambhu-shekhar/

सदन में अपनी बात रखते हुए किरण पाल कश्यप ने कहा कि श्रीराम मंदिर देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र है। इसलिए निर्माण कार्य, भूमि खरीद और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर समय-समय पर सामने आने वाले आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति देश के सामने लाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा किसी भी प्रकार की आशंका का समाधान हो सकेगा।

श्रीराम के सामाजिक समरसता के संदेश का किया उल्लेख

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presencehttps://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/

एमएलसी ने भगवान श्रीराम के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने निषादराज, केवट और माता शबरी सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान देकर सामाजिक समरसता और समानता का संदेश दिया था। इसलिए श्रीराम मंदिर से जुड़े किसी भी विषय को राजनीतिक दृष्टि से नहीं, बल्कि आस्था और पारदर्शिता के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर आंदोलन में देशभर के लाखों लोगों ने अपना योगदान दिया है, इसलिए यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता के आरोप हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए।

Share This Article
Leave a comment