ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ और पॉलीथीन मुक्त बनाने की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किया इंडिया और आईपीसीए के सहयोग से एक नई पहल शुरू की है। डेवलप रिस्पॉन्सिबल आउटलुक फॉर प्लास्टिक (डीआरओपी) योजना के तहत पहले चरण में शहर की 40 आवासीय सोसाइटियों में विशेष प्लास्टिक बिन स्थापित किए जाएंगे। इन सोसाइटियों को बड़े कचरा उत्पादक की श्रेणी में रखा गया है।
40 सोसाइटियों में लगाए जाएंगे विशेष प्लास्टिक बिन
इन विशेष बिनों में एकत्र होने वाले प्लास्टिक कचरे को प्रतिदिन विशेष वाहन के माध्यम से प्रसंस्करण संयंत्र तक पहुंचाकर पुनर्चक्रण किया जाएगा। शुक्रवार को इस योजना का शुभारंभ करते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह और सहायक प्रबंधक गौरव बघेल ने वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इसके बाद प्राधिकरण के सभागार में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्लास्टिक और पॉलीथीन के दुष्प्रभावों तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर पुनर्चक्रित प्लास्टिक से निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही।
प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर जोर
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महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि विशेष प्लास्टिक बिन उन्हीं सोसाइटियों में लगाए जाएंगे, जहां सूखे और गीले कचरे का पृथक्करण पहले से किया जा रहा है। सहायक प्रबंधक गौरव बघेल ने कहा कि शहर को स्वच्छ रखने के लिए बड़े कचरा उत्पादकों को कचरे का पृथक्करण और उसका वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।
आईपीसीए के सचिव अजय गर्ग और उपनिदेशक डॉ. राधा गोयल ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण बढ़ाना और लोगों को प्लास्टिक के कम उपयोग के प्रति जागरूक करना है।
नागरिकों से कचरा अलग-अलग रखने की अपील
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने नागरिकों से घरों में सूखे और गीले कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखने तथा कचरा हमेशा डस्टबिन में ही डालने की अपील की।
कार्यक्रम में आईबीए के अध्यक्ष अमित उपाध्याय, विभिन्न आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे।
