गाजियाबाद (शिखर समाचार)। आगामी कांवड़ यात्रा महोत्सव को लेकर गाजियाबाद नगर निगम ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने निगम अधिकारियों की टीम के साथ प्राचीन दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर पहुंचकर महंत श्री नारायण गिरी जी महाराज से मुलाकात की और कांवड़ यात्रा के दौरान की जाने वाली व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान मंदिर परिसर में पौधारोपण भी किया गया और कांवड़ महोत्सव को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया।
नगर आयुक्त ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी गाजियाबाद नगर निगम कांवड़ यात्रा महोत्सव के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए नगर निगम के सभी विभागों ने अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं। 20 जुलाई से लेकर यात्रा संपन्न होने तक निगम के अधिकारी और कर्मचारी 24 घंटे रोस्टर के आधार पर ड्यूटी करेंगे तथा सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाएगी।
1030 सफाई मित्र संभालेंगे स्वच्छता की जिम्मेदारी, 200 कर्मचारी शौचालय व्यवस्था में तैनात
दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में आयोजित बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने महंत नारायण गिरी से विशेष आवश्यकताओं और व्यवस्थाओं के संबंध में सुझाव भी प्राप्त किए। अधिकारियों ने मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, सड़क मरम्मत और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का जायजा लिया।
नगर निगम द्वारा इस वर्ष कांवड़ रूट पर स्वच्छता व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी गई है। नगर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 1030 सफाई मित्रों की टीम तैनात की जाएगी, जो यात्रा मार्गों पर लगातार सफाई कार्य करेगी। इसके अतिरिक्त शौचालयों की सफाई और रखरखाव के लिए 200 कर्मचारियों की अलग टीम नियुक्त की जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए पुरुष एवं महिला मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था भी की जा रही है। वहीं कांवड़ शिविरों और कैंपों के बाहर पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाए जाएंगे।
2700 लाइटों से रोशन होंगे कांवड़ मार्ग, पेयजल के लिए लगाए जाएंगे टैंकर
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प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी नगर निगम ने बड़े स्तर पर तैयारी की है। नगर आयुक्त के अनुसार कांवड़ मार्ग को पूरी तरह रोशन करने के लिए लगभग 2648 से 2700 लाइटें लगाई जाएंगी। यह व्यवस्था दुहाई से दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर तक, मेरठ रोड से ज्ञानी बॉर्डर तक तथा मोहन नगर से एनएच-9 तक के प्रमुख कांवड़ मार्गों पर की जाएगी।
निर्माण विभाग को सड़क मरम्मत और गड्ढामुक्त सड़क सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 20 जुलाई से आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वहीं जलकल विभाग की ओर से दूधेश्वर नाथ मंदिर में पेयजल व्यवस्था को मजबूत किया गया है। मंदिर परिसर के बाहर गंगाजल से भरे 12 टैंकर उपलब्ध रहेंगे, जबकि पूरे कांवड़ रूट पर करीब 25 से 30 पानी के टैंकर लगाए जाएंगे।
धार्मिक आयोजन के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महापर्व है। नगर निगम का प्रयास है कि यात्रा के दौरान सफाई, पेयजल, प्रकाश, सड़क, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि निगम की सभी टीमें आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
इस अवसर पर दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। नगर आयुक्त, महंत नारायण गिरी तथा निगम अधिकारियों ने आम के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, महाप्रबंधक जलकल कामाख्या प्रसाद आनंद, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, प्रभारी उद्यान डॉ. अनुज, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश तथा प्रकाश विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की तैयारियों की जानकारी दी और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया। निगम का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और कांवड़ महोत्सव सुरक्षित, भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।
