गंभीर अपराधों में दोषसिद्धि बढ़ाने पर जोर, अभियोजन कार्यों की जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने की समीक्षा

Rashtriya Shikhar
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Emphasis on Increasing Convictions in Serious Crimes; District Magistrate and Superintendent of Police Review Prosecution Proceedings IMAGE CREDIT TO सूचना विभाग

हापुड़ (शिखर समाचार)। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी कविता मीना और पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह की अध्यक्षता में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के न्यायालयों में लंबित आपराधिक मामलों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी और दोषसिद्धि दर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

समीक्षा के दौरान पॉक्सो अधिनियम, हत्या, लूट, दहेज हत्या तथा महिला संबंधी अपराधों से जुड़े मामलों की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक प्रकरण में साक्ष्यों और गवाहों को समय पर न्यायालय में प्रस्तुत कराया जाए तथा अभियोजन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर मुकदमों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई, पीड़ितों को त्वरित न्याय प्राथमिकता

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जिलाधिकारी कविता मीना ने कहा कि अभियोजन विभाग की मजबूत और प्रभावी पैरवी से ही अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सकती है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पीड़ितों को त्वरित और निष्पक्ष न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

गंभीर मामलों की नियमित समीक्षा के निर्देश

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पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि अपराधियों को शीघ्र सजा मिल सके और कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो।

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