मोदीनगर (शिखर समाचार)।
तहसील प्रशासन ने भूमि मापन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सटीक और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए शनिवार को पहली बार जीएनएसएस रोवर तकनीक का प्रयोग किया। इस अत्याधुनिक उपकरण के माध्यम से तहसील क्षेत्र के अमराला और फरीदनगर गांवों की सीमा पर भूमि की पैमाइश की गई। इस दौरान राजस्व विभाग की टीम को मौके पर ही मशीन के संचालन, मापन की प्रक्रिया तथा तकनीकी उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षण का नेतृत्व उप जिलाधिकारी अजीत कुमार सिंह और तहसीलदार रजत सिंह ने किया।
जीएनएसएस रोवर से सटीक और तेज होगी भूमि की पैमाइश
उप जिलाधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में इस तकनीक का प्रयोग शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि जीएनएसएस रोवर मशीन की सहायता से फीता या मीटर टेप का उपयोग किए बिना कम समय में अत्यधिक सटीकता के साथ भूमि की पैमाइश की जा सकती है। इससे मापन संबंधी त्रुटियों की संभावना भी काफी कम हो जाती है।
उन्होंने बताया कि विशेष रूप से जोहड़, तालाब तथा अन्य टेढ़ी-मेढ़ी आकृति वाले भू-भाग का क्षेत्रफल निकालना पहले की अपेक्षा कहीं अधिक सरल हो जाएगा। बड़े भू-भाग का मापन भी अब कम समय में आसानी से किया जा सकेगा।
राजस्व कार्यों में बढ़ेगी पारदर्शिता, कम होंगे भूमि विवाद
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तहसीलदार रजत सिंह ने बताया कि जीएनएसएस रोवर तकनीक अनेक उपग्रहों से संकेत प्राप्त कर वास्तविक समय में अत्यंत शुद्ध परिणाम उपलब्ध कराती है। इससे राजस्व कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, भूमि संबंधी विवादों में कमी आएगी तथा अभिलेखों का सत्यापन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
राजस्व अधिकारियों ने जीएनएसएस रोवर तकनीक को भूमि मापन व्यवस्था में तकनीकी सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। अधिकारियों के अनुसार, इस आधुनिक प्रणाली के इस्तेमाल से भविष्य में भूमि संबंधी कार्यों को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
