हापुड़ (शिखर समाचार)। सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा एमबीबीएस तृतीय वर्ष (बैच-2023) के विद्यार्थियों के लिए गाजियाबाद स्थित जल शोधन संयंत्र का चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 250 विद्यार्थियों ने विभिन्न बैचों में भाग लेकर सुरक्षित पेयजल की शुद्धिकरण प्रक्रिया और जनस्वास्थ्य प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।
कम्पीटेंसी बेस्ड मेडिकल एजुकेशन पाठ्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित पेयजल, गुणवत्ता नियंत्रण तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना था।
जल शोधन की पूरी प्रक्रिया का कराया गया व्यावहारिक अवलोकन
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने जल शोधन की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने कच्चे पानी के संग्रहण, वातन (एरेशन), रासायनिक उपचार, फ्लोकुलेशन, अवसादन, निस्पंदन, क्लोरीनीकरण, प्रयोगशाला में जल गुणवत्ता परीक्षण, भंडारण तथा उपभोक्ताओं तक सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की पूरी व्यवस्था का विस्तृत प्रदर्शन किया। साथ ही बताया गया कि नियमित गुणवत्ता परीक्षण और वैज्ञानिक निगरानी के माध्यम से पेयजल को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित बनाए रखा जाता है।
जनस्वास्थ्य और रोगों की रोकथाम का दिया संदेश
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सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. (ब्रिगेडियर) विनीत रस्तोगी के नेतृत्व में आयोजित इस भ्रमण में विद्यार्थियों को जलजनित रोगों की रोकथाम और स्वच्छ पेयजल के महत्व से भी अवगत कराया गया।
डॉ. विनीत रस्तोगी ने कहा कि एक सक्षम चिकित्सक के लिए केवल रोगों का उपचार जानना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोगों की रोकथाम, स्वच्छ पर्यावरण, सुरक्षित पेयजल और जनस्वास्थ्य व्यवस्था की गहन समझ भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में व्यवहारिक ज्ञान, विश्लेषणात्मक सोच और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं।
