बुढ़ाना/मुजफ्फरनगर (शिखर समाचार)।
बुढ़ाना तहसील क्षेत्र की फुगाना ग्राम पंचायत विकास कार्यों और नवाचारों के चलते जिले ही नहीं, बल्कि प्रदेश के लिए भी एक आदर्श मॉडल बनकर उभरी है। पंचायती राज विभाग के उप निदेशक राघवेंद्र द्विवेदी ने ग्राम पंचायत का निरीक्षण कर यहां कराए गए विकास कार्यों की सराहना करते हुए इसे अन्य ग्राम पंचायतों के लिए अनुकरणीय बताया।
उप निदेशक ने विकास कार्यों का किया निरीक्षण, मॉडल पंचायत बताया
निरीक्षण के दौरान उप निदेशक ने अत्याधुनिक पंचायत भवन, आरआरसी सेंटर, सुव्यवस्थित श्मशान घाट, अमृत सरोवर तथा गांव में स्थापित शहीद भगत सिंह डिजिटल लाइब्रेरी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए फुगाना में किए गए प्रयास सराहनीय हैं। विशेष रूप से डिजिटल लाइब्रेरी को उन्होंने ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
विकास कार्यों की गुणवत्ता और उनकी प्रभावशीलता से प्रभावित उप निदेशक ने जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव तथा अपर जिला पंचायत राज अधिकारी धर्मेंद्र कुमार को निर्देश दिए कि फुगाना ग्राम पंचायत के विकास मॉडल को अन्य ग्राम पंचायतों में भी लागू करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने ग्राम प्रधान जितेंद्र मलिक के नवाचारों की प्रशंसा करते हुए उन्हें लखनऊ में अपने अनुभव और कार्यों को साझा करने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया।
राष्ट्रीय स्तर पर मिल चुकी पहचान, ग्रामीणों में खुशी
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फुगाना ग्राम पंचायत की उपलब्धियां राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना चुकी हैं। ग्राम प्रधान जितेंद्र मलिक को ग्रामीण विकास, पंचायत सशक्तिकरण और नवाचारों के लिए केंद्र सरकार की ओर से तीन बार पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान ग्राम पंचायत में किए गए प्रभावी और जनहितकारी कार्यों की पुष्टि करता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में शिक्षा, स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं और सार्वजनिक परिसंपत्तियों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। यही कारण है कि आज फुगाना ग्राम पंचायत विकास की नई पहचान बन चुकी है और अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में देखी जा रही है।
