आधुनिक तकनीक और गुणवत्ता से एमएसएमई उद्योगों को मिलेगी नई पहचान: पवन सिंघल

Rashtriya Shikhar
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MSME industries will gain a new identity through modern technology and quality: Pawan Singhal. IMAGE CREDIT TO रिपोर्टर

मुरादनगर (शिखर समाचार): एमएसएमई के लिए ईएसजी, ज़ेडईडी और तकनीकी उन्नयन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

औद्योगिक विकास और नई तकनीक पर दिया गया जोर

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मुरादनगर (शिखर समाचार)। उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम, प्रबंधन, उद्यमिता एवं व्यावसायिक कौशल परिषद तथा लघु उद्योग भारती के संयुक्त तत्वावधान में मुरादनगर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सुशासन), ज़ेडईडी (शून्य दोष-शून्य प्रभाव) प्रमाणन तथा प्रौद्योगिकी उन्नयन योजना विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लघु उद्योग भारती के संभाग अध्यक्ष पवन सिंघल तथा विशिष्ट अतिथि जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, गाजियाबाद के उपायुक्त आशुतोष सिंह रहे। मेरठ मंडल अध्यक्ष अमरीश गोयल ने अतिथियों और उद्यमियों का स्वागत करते हुए कहा कि गुणवत्ता, तकनीकी उन्नयन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में उद्योगों के लिए नई तकनीकों तथा सरकारी योजनाओं से जुड़ना समय की आवश्यकता है।

ईएसजी और ज़ेडईडी प्रमाणन से बढ़ेगी वैश्विक प्रतिस्पर्धा

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मुख्य अतिथि पवन सिंघल ने कहा कि ईएसजी, ज़ेडईडी प्रमाणन और प्रौद्योगिकी उन्नयन जैसी पहलें एमएसएमई इकाइयों को नई पहचान देने के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगी। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक को अपनाकर ही उद्योग दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित कर सकते हैं।

संभाग महामंत्री अनुपम गुप्ता ने कहा कि भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहीं उपायुक्त आशुतोष सिंह ने केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न औद्योगिक योजनाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, औद्योगिक भूमि आवंटन, पूंजीगत अनुदान, ब्याज अनुदान तथा अन्य निवेश प्रोत्साहन योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया।

सरकारी योजनाओं और तकनीकी सहायता की दी गई जानकारी

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उद्योग विशेषज्ञ एवं कार्यशाला संचालक चिराग पटेल ने ईएसजी और ज़ेडईडी प्रमाणन की उपयोगिता तथा इसके लाभों की जानकारी दी। व्यावसायिक कौशल परिषद के जिला समन्वयक आलोक राय ने प्रौद्योगिकी उन्नयन योजना के तहत आधुनिक मशीनरी के लिए उपलब्ध वित्तीय और तकनीकी सहायता की जानकारी दी।

कार्यशाला में गुणवत्ता सुधार, ऊर्जा दक्षता, डिजिटलीकरण तथा विभिन्न सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उद्योगों के आधुनिकीकरण और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने की दिशा में उपयोगी पहल बताया। कार्यक्रम का संचालन नगर उपाध्यक्ष राजकुमार गोयल ने किया। इस अवसर पर जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के सहायक आयुक्त मोहम्मद आक़ीफ़ सहित बड़ी संख्या में उद्यमी एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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