बिजनौर (शिखर समाचार)
गो रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के दूसरे दिन मंगलवार को धामपुर पहुंचने पर धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। कालागढ़ रोड स्थित शुभम मंडप में आयोजित सभा में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गो संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज से सक्रिय भागीदारी की अपील की।
गो संरक्षण पर शंकराचार्य का संदेश
सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौवंश का विशेष स्थान है। गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने कहा कि गोवंश संरक्षण के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि देशभर में गो संरक्षण को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है और इसी उद्देश्य से गो रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को जागरूक कर रही है। उन्होंने लोगों से गो सेवा, गो संरक्षण तथा गौशालाओं के सहयोग के लिए आगे आने का आह्वान किया।
समाज को एकजुट होकर कार्य करने की अपील
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शंकराचार्य ने कहा कि गोवंश की सुरक्षा और संवर्धन के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने उपस्थित लोगों को गोवंश की रक्षा एवं सम्मान के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प भी दिलाया। कार्यक्रम के दौरान यात्रा में शामिल संत महात्माओं का स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने गो संरक्षण के समर्थन में अपने विचार रखे और गो सेवा से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। वक्ताओं ने जनजागरूकता बढ़ाने तथा गोवंश संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर रुचि वीरा, यशवीर सिंह, अमित प्रताप सिंह, योगेश रस्तौगी, संयम जैन, रविंद्र राजपूत, नवनीत राणा, व्योमकेश चौहान, उदल सिंह, नसीम राणा, जावेद सईद सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
