गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई: 206 बहुमंजिला इमारतों में मिलीं अग्नि सुरक्षा में कमियां, 62 को सील करने की तैयारी

Rashtriya Shikhar
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Major Crackdown by the Ghaziabad Development Authority: Fire Safety Lapses Detected in 206 High-Rise Buildings; 62 Buildings Set to Be Sealed — IMAGE CREDIT TO प्राधिकरण

—–अग्निशमन विभाग को हाई-टेक बनाने के लिए जीडीए ने दिए ₹100 करोड़

आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)।

इंदिरापुरम के गौर ग्रीन एवेन्यू में हाल ही में हुए अग्निकांड को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने बेहद गंभीरता से लिया है। जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्राधिकरण ने जिले भर के बहुमंजिला भवनों, आवासीय सोसायटियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच के लिए एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। जीडीए की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन स्वामियों और बिल्डरों में हड़कंप मच गया है।

प्राधिकरण की प्रवर्तन टीमों ने अलग-अलग जोन में स्थलीय निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। इस विशेष अभियान के तहत मुख्य रूप से यह देखा जा रहा है कि भवनों के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण-पत्र (फायर एनओसी) है या नहीं, और मौके पर सुरक्षा उपकरण काम कर रहे हैं या नहीं।

जांच में खुली पोल: 206 परिसर डिफॉल्टर घोषित

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जीडीए द्वारा अब तक किए गए औचक निरीक्षणों में सुरक्षा व्यवस्था की भारी पोल खुली है। टीमों ने जांच के दौरान करीब 206 ऐसे परिसरों को चिन्हित किया है, जहां अग्नि सुरक्षा मानकों में गंभीर कमियां पाई गई हैं। प्राधिकरण ने इन सभी के खिलाफ उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

बड़ी कार्रवाई: लापरवाही बरतने वाले इन मामलों में प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए अब तक लगभग 62 प्रकरणों में सीलिंग की कार्यवाही पूरी कर ली है। बाकी बचे मामलों की रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभागों को सख्त एक्शन के लिए भेज दी गई है।

होटल, अस्पताल और कोचिंग संस्थान भी रडार पर

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यह अभियान केवल आवासीय सोसायटियों तक सीमित नहीं है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और प्रभारी प्रवर्तन अधिकारियों के नेतृत्व में गठित विशेष टीमें होटल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों और अन्य सभी व्यावसायिक मॉल का भी बारीकी से निरीक्षण कर रही हैं। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।

आरडब्ल्यूए को अल्टीमेटम, खामियां मिलीं तो पदाधिकारी होंगे जिम्मेदार

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जीडीए ने जिले की उन सभी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के निवासियों और आरडब्ल्यूए (रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) के पदाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं, जहां सोसायटियों का हैंडओवर हो चुका है। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देशित किया गया है कि वे अपनी सोसायटियों में स्थापित:

° फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम

° फायर हाइड्रेंट और पानी की उपलब्धता

° आपातकालीन निकास मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट)

जैसी प्रणालियों को तुरंत दुरुस्त और चालू हालत में रखें। प्राधिकरण की टीमें किसी भी समय इन सोसायटियों का औचक निरीक्षण कर सकती हैं।

अग्निशमन विभाग को हाई-टेक बनाने के लिए ₹100 करोड़ आवंटित

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भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने और आग पर तेजी से काबू पाने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने एक बड़ा कदम उठाया है। जीडीए ने अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) की क्षमता और संसाधनों को बढ़ाने के लिए ₹100 करोड़ की भारी-भरकम राशि उपलब्ध कराई है। इस बजट से विभाग बहुमंजिला इमारतों के लिए आधुनिक फायर फाइटिंग उपकरण, विशेष हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और अन्य जरूरी हाई-टेक संसाधन खरीद रहा है, ताकि संकरी जगहों और ऊंची इमारतों में भी राहत कार्य बिना किसी बाधा के चलाया जा सके।

जीडीए की जनता से अपील: इन 6 बातों का रखें खास ध्यान

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प्राधिकरण ने आम नागरिकों, बिल्डरों और आरडब्ल्यूए से अपील की है कि वे दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इन नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें:

रास्ते रखें साफ: फायर ड्राइव-वे, खुले क्षेत्रों और आपातकालीन निकास मार्गों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण या पार्किंग न करें, इन्हें पूरी तरह खाली रखें।

नियमित मेंटेनेंस: अग्निशमन उपकरणों, फायर अलार्म और हाइड्रेंट सिस्टम की हर महीने जांच कराएं।
फायर एनओसी का

नवीनीकरण: समय रहते फायर एनओसी को रिन्यू कराएं और उसकी वैधता बनाए रखें।

अवैध निर्माण से बचें: स्वीकृत मानचित्र (सेंक्शंड मैप) के विपरीत जाकर कोई भी निर्माण या अतिक्रमण न करें।

ट्रेन्ड स्टाफ: प्रत्येक बड़े परिसर और सोसाइटी में प्रशिक्षित फायर सेफ्टी स्टाफ और आपातकालीन रिस्पॉन्स टीम तैनात होनी चाहिए।

नियमित मॉक ड्रिल: सोसायटियों और कार्यालयों में समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाए, ताकि आपदा के समय लोग जागरूक रह सकें।

जीडीए का संदेश:

“अग्नि सुरक्षा केवल एक कागजी मानक नहीं, बल्कि आम जनजीवन की सुरक्षा का मुख्य आधार है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ आने वाले दिनों में यह अभियान और ज्यादा आक्रामक और कठोर होगा।”

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