मोदीनगर (शिखर समाचार)। प्रदेश सरकार द्वारा बैनामों के लिए लागू की जा रही ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में बैनामा लेखक संघ के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय पर बुधवार को सातवें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। आंदोलन को उस समय और बल मिला जब बार एसोसिएशन मोदीनगर के अधिवक्ता भी धरने में शामिल हो गए। इसके बाद बैनामा लेखकों और अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से तहसील परिसर में प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के स्टांप एवं निबंधन मंत्री का पुतला दहन किया।
रजिस्ट्री कार्यालय में विरोध प्रदर्शन
धरना प्रदर्शन के दौरान बैनामा लेखक एवं अधिवक्ता पहले तहसील स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। इसके बाद मंत्री का पुतला लेकर तहसील परिसर में प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली गई। प्रदर्शनकारी सरकार और मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील के मुख्य द्वार तक पहुंचे, जहां पुतले को आग के हवाले कर दिया गया।
बैनामा लेखकों का कहना है कि ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से उनके सामने रोजगार और आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा। उनका आरोप है कि नई व्यवस्था से पारंपरिक रूप से कार्य कर रहे बैनामा लेखकों का कार्य प्रभावित होगा और बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था को वापस लेने की मांग की।
अधिवक्ताओं का समर्थन और कार्य बहिष्कार
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वहीं, आंदोलन के समर्थन में अधिवक्ताओं ने भी उप जिलाधिकारी तथा तहसीलदार न्यायालयों में कार्य का बहिष्कार किया, जिससे न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरने और बैनामों के कार्य ठप रहने के कारण तहसील में पंजीकरण संबंधी कार्य प्रभावित रहे। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। प्रशासन की ओर से फिलहाल आंदोलनकारियों को समझाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल सका है।
