मेरठ (शिखर समाचार)। मुख्यमंत्री जनसुनवाई समन्वय शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण में मेरठ परिक्षेत्र ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। माह मई 2026 की मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर जारी रैंकिंग में मेरठ परिक्षेत्र के साथ जनपद मेरठ भी प्रथम स्थान पर रहा।
आईजीआरएस रैंकिंग में मेरठ परिक्षेत्र अव्वल
पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने बताया कि आईजीआरएस, जनसुनवाई एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का शासन की मंशानुसार समयबद्ध एवं विधिक निस्तारण सुनिश्चित किया गया। इसी का परिणाम है कि मई 2026 की मूल्यांकन रिपोर्ट में मेरठ परिक्षेत्र को प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त हुआ है।
शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश
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उन्होंने परिक्षेत्र के सभी जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस प्रणाली से प्राप्त शिकायतों का उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध निस्तारण किया जाए तथा जनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका विधिक समाधान कराया जाए।
डीआईजी ने निर्देश दिए कि आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों की जांच आख्या अपलोड करने से पूर्व थाना प्रभारी स्वयं फीडबैक प्राप्त करें। पोर्टल से प्राप्त शिकायतों एवं फीडबैक संबंधी रजिस्टरों को अद्यतन रखा जाए तथा प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से संतुष्टि संबंधी फीडबैक अवश्य लिया जाए।
उन्होंने महिला, वरिष्ठ नागरिक एवं साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी थाना प्रभारियों से शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखते हुए प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया।
पारदर्शिता और फीडबैक व्यवस्था पर जोर
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डीआईजी ने लंबित शिकायतों की नियमित निगरानी के लिए साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित करने, तकनीकी संसाधनों एवं डिजिटल निगरानी प्रणाली का अधिक प्रभावी उपयोग करने तथा आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए थानों पर जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण से पुलिस और आमजन के बीच विश्वास तथा संवाद को और मजबूत किया जा सकता है। साथ ही निर्देश दिए कि शिकायतों की जांच संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर करें तथा केवल फोन अथवा थाने में बैठकर जांच रिपोर्ट प्रेषित न करें।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनपद स्तर पर प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए गए।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा कि जन शिकायतों का शासन की मंशा के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण विधिक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को त्वरित लाभ मिल सके। समयबद्ध शिकायत निस्तारण से जहां लोगों को समय पर न्याय मिलता है, वहीं पुलिस के विरुद्ध आने वाली शिकायतों में भी कमी आती है।
