गाजियाबाद (शिखर समाचार)। ओमकार हत्याकांड में लोनी पुलिस लगातार कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी कर रही है, लेकिन अब तक ओमकार के शव की बरामदगी नहीं हो सकी है। इसी क्रम में पुलिस ने मामले में वांछित चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी गौरव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में गौरव के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस इस प्रकरण में अब तक 24 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चुकी है।
निठौरा अंडरपास के पास हुई पुलिस और बदमाश की मुठभेड़
एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक इनामी वांछित अभियुक्त निठौरा रोड की ओर से आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने निठौरा अंडरपास के पास चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान बाइक सवार एक संदिग्ध व्यक्ति निठौरा की तरफ से आता दिखाई दिया।
पुलिस द्वारा रुकने का इशारा किए जाने पर आरोपी नहीं रुका और मौके से भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस टीम ने उसका पीछा किया, तभी उसकी बाइक फिसल गई।
पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई
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बाइक फिसलने के बाद आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें बदमाश के दोनों पैरों में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान गौरव पुत्र विजेंद्र के रूप में बताई। पुलिस के अनुसार वह ओमकार अपहरण और हत्या मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पूछताछ में हत्या की साजिश का खुलासा, हथियार भी बरामद
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पूछताछ के दौरान गौरव ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर ओमकार पुत्र राममेहर का अपहरण किया था और बाद में उसकी हत्या कर शव को रोहटा मेरठ रोड स्थित गंगानगर क्षेत्र में फेंक दिया था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक जिक्सर बाइक, एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और शव की बरामदगी को लेकर प्रयास कर रही है।
