ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विकास भवन में संचालित सरस शॉप का शुभारंभ जिलाधिकारी मेघा रूपम ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का अवलोकन किया और उनके कार्यों की सराहना करते हुए महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।
विभिन्न उत्पादों का अवलोकन और महिलाओं की सराहना
शुभारंभ के बाद जिलाधिकारी मेघा रूपम ने मसाले, अचार, पापड़, जूट बैग, सैनिटरी पैड, हस्तशिल्प सामग्री, खादी वस्त्र, शहद सहित विभिन्न उत्पादों का निरीक्षण किया। उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और महिलाओं की मेहनत से प्रभावित होकर उन्होंने उनकी उद्यमशीलता की प्रशंसा की।
उन्होंने महिलाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए स्वयं भी उत्पादों की खरीदारी की।
आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
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जिलाधिकारी मेघा रूपम ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने परिश्रम, कौशल और आत्मविश्वास के बल पर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि उन्हें समाज में नई पहचान और सम्मान भी दिला रहे हैं।
उन्होंने महिलाओं से लगातार आगे बढ़ने और अपने उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने का आह्वान किया।
सरस शॉप से मिलेगा बेहतर बाजार
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जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित सरस शॉप स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन का प्रभावी मंच प्रदान कर रही है।
उन्होंने बताया कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
‘लखपति दीदी’ से ‘करोड़पति दीदी’ की ओर लक्ष्य
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अधिकारियों ने बताया कि मिशन के माध्यम से कई महिलाएं पहले ही ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। सरस शॉप जैसे प्रयास उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर आय बढ़ाने के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं, जिससे भविष्य में ‘करोड़पति दीदी’ बनने का लक्ष्य भी संभव हो सकेगा।
कार्यक्रम में परियोजना निदेशक नेहा, अखिलेश प्रजापति, डॉ. सपना आर्य सहित स्वयं सहायता समूहों की सदस्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
