चौधरी साहब ने जमींदारी प्रथा का अंत और चकबंदी जैसे साहसिक फैसले लिए : प्रवीण राणा

Rashtriya Shikhar
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“Chaudhary Sahab took bold decisions such as abolishing the zamindari system and implementing consolidation of land holdings,” said Praveen Rana. IMAGE CREDIT TO REPORTER

बुढ़ाना/मुजफ्फरनगर (शिखर समाचार)। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर जाट महासभा द्वारा चरण सिंह तिराहे पर यज्ञ-हवन का आयोजन किया गया। क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने उनका स्मरण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

यज्ञ-हवन के साथ हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम

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जाट महासभा ब्लॉक बुढ़ाना के पदाधिकारी शुक्रवार सुबह चरण सिंह तिराहे पर पहुंचे और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया। इसके बाद आयोजित यज्ञ-हवन में पुरोहित की भूमिका अमित शास्त्री ने निभाई।

चौधरी चरण सिंह को बताया ग्रामीण चेतना का प्रतीक

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ब्लॉक जाट महासभा के महामंत्री प्रवीण राणा ने कहा कि चौधरी चरण सिंह केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि ग्रामीण भारत की चेतना और आर्थिक स्वाभिमान के सबसे बड़े शिल्पकार थे। उन्होंने कहा कि जमींदारी प्रथा का अंत और चकबंदी जैसे साहसिक फैसले देश के अन्नदाता को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने वाली मूक क्रांति साबित हुए। उनका सादा जीवन और बेदाग ईमानदारी आज की राजनीति के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शक प्रकाश स्तंभ है।

कार्यक्रम में ब्लॉक जाट महासभा अध्यक्ष चमन सिंह, सर्वखाप मंत्री सुभाष बालियान, ब्रजपाल राठी, संयम पंवार, तेजपाल सिंह, रामकुमार सहरावत, योगेंद्र महले, रामछैल राठी और देवेंद्र सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

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