गाजियाबाद (शिखर समाचार)। डीएम रविन्द्र कुमार माँदड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में जनगणना-2027 के अंतर्गत गाजियाबाद में संचालित आगामी चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह कार्य 22 मई से 20 जून 2026 तक निर्धारित 30 दिवसीय अवधि में संपादित किया जाना है।
गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध जनगणना कार्य के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना कार्य को जनगणना कार्य निदेशालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स को प्रगणक ब्लॉक आवंटित किए जा चुके हैं तथा 22 मई 2026 से उनके आवंटित क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ हो चुका है।
कार्य की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन प्रगणकों द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है, उनसे तत्काल शत-प्रतिशत कार्य प्रारंभ कराया जाए। साथ ही कार्य में शिथिलता बरतने वाले अथवा अनुपस्थित रहने वाले प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स के विरुद्ध जनगणना अधिनियम-1948 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए।
जनगणना अधिनियम के तहत सख्त प्रावधान
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जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना कार्य में नियुक्त सभी अधिकारी एवं कार्मिक जनगणना अधिनियम-1948 की धारा-4 एवं 11 के अंतर्गत लोक सेवक हैं तथा जनगणना कार्य में सहयोग प्रदान करना उनका वैधानिक दायित्व है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही, कर्तव्य से इंकार अथवा शिथिलता दंडनीय अपराध है, जिसके लिए एक हजार रुपये तक का जुर्माना तथा दोष सिद्ध होने की स्थिति में तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
बैठक में अंजनी कुमार सिंह, जिला जनगणना अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) सहित समस्त चार्ज अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
