नई दिल्ली (शिखर समाचार)। शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नाट्यमूर्ति स्कूल ऑफ डांस द्वारा नृत्योपासना नामक भव्य नृत्य संध्या का आयोजन 14 मई 2026 को सायं 6 बजे से किया जाएगा। यह कार्यक्रम लिटिल थिएटर समूह (एलटीजी) सभागार, कोपरनिकस मार्ग, डोरसेशन भवन के सामने, मंडी हाउस, नई दिल्ली में आयोजित होगा।
भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी की पारंपरिक प्रस्तुतियां
इस विशेष अवसर पर प्रसिद्ध नृत्य गुरु अब्दुल खालिद के मार्गदर्शन में उनके शिष्यों द्वारा भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी की पारंपरिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल विद्यार्थियों को अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करना है, बल्कि दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गहराई, सौंदर्य और नवरसों के अद्भुत अनुभव से भी परिचित कराना है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि चित्रा शर्मा, जो प्रमुख कथक कला समीक्षक, लेखिका एवं विदुषी हैं, अपनी उपस्थिति से आयोजन की शोभा बढ़ाएंगी। वहीं विशिष्ट अतिथियों में कांदिवरी सिंह (सर्वोच्च न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता), इंदु पुरी (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक), अर्पिता बड़ोदिया (आईटी क्षेत्र में ग्राहक सेवा प्रमुख) तथा श्रुति सिन्हा (कथक विशेषज्ञ) शामिल होंगी।
शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास
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स्कूल के संस्थापक अब्दुल खालिद ने बताया कि उनका उद्देश्य नई पीढ़ी में शास्त्रीय नृत्य के प्रति प्रेम और सम्मान को जागृत करना है। नृत्योपासना इसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है, जो कलाकारों और दर्शकों के बीच सांस्कृतिक सेतु का कार्य करेगा।
कार्यक्रम में भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी की मनमोहक प्रस्तुतियां, गुरु अब्दुल खालिद द्वारा संयोजित पारंपरिक रचनाएं तथा विद्यार्थियों की कला, समर्पण और साधना की झलक देखने को मिलेगी। दिल्ली के सांस्कृतिक प्रेमियों के लिए यह आयोजन एक अविस्मरणीय अनुभव साबित होगा और सभी कला प्रेमियों को इसमें सादर आमंत्रित किया गया है।
