मेरठ (शिखर समाचार)। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए मेरठ रेंज में व्यापक पुलिस प्रबंध किए गए हैं। परिक्षेत्र के जनपदों में सुरक्षा के मद्देनज़र 06 अपर पुलिस अधीक्षक, 19 क्षेत्राधिकारी, 59 निरीक्षक, 240 उपनिरीक्षक, 312 मुख्य आरक्षी, 435 आरक्षी, 190 होमगार्ड/पीआरडी जवान तथा 01 कंपनी पीएसी की तैनाती की गई है।
इस अवसर पर मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ जनपदों में कुल 08 शोभायात्राएं एवं 30 अन्य धार्मिक कार्यक्रम (पूजा-अर्चना, भंडारा आदि) आयोजित होने प्रस्तावित हैं। साथ ही, कुल 24 स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की गई है, जिनमें मेरठ में 02, बुलंदशहर में 12, बागपत में 07 और हापुड़ में 03 घाट शामिल हैं।
सुरक्षा और समन्वय के व्यापक इंतजाम
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कार्यक्रमों के सुचारू संचालन हेतु पुलिस द्वारा पहले ही व्यापक स्तर पर समन्वय स्थापित किया जा चुका है। शांति समिति, धर्मगुरुओं व संभ्रांत नागरिकों के साथ 89, विभिन्न विभागों के साथ 58 तथा आयोजकों के साथ 64 गोष्ठियां आयोजित की गई हैं।
बुद्ध पूर्णिमा का पर्व 01 मई 2026 को मनाया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु स्नान, भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना, प्रवचन, शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
कलानिधि नैथानी ने सभी जनपद प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी स्नान घाटों और मेला स्थलों का भौतिक सत्यापन कर सुरक्षा योजना तैयार की जाए। जल पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन, घुड़सवार पुलिस, यातायात पुलिस व महिला पुलिस की समुचित तैनाती सुनिश्चित की जाए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीआईजी के निर्देश
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घाटों पर बैरिकेडिंग, गहरे पानी के चेतावनी संकेत, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और गोताखोरों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सादे वस्त्रों में महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा।
भीड़ नियंत्रण और संभावित भगदड़ को रोकने के लिए यातायात योजना लागू की जाएगी। शोभायात्राओं के मार्ग चिन्हित कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। साथ ही, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, नियमित पेट्रोलिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं की निगरानी और तत्काल खंडन करने के भी निर्देश दिए गए हैं। संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर साफ-सफाई, पेयजल और विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि बुद्ध पूर्णिमा का पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
