आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार) | गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अपना सख्त रुख बरकरार रखा है। शुक्रवार को उपाध्यक्ष के निर्देशों पर प्रवर्तन दस्ते ने मोदीनगर के औरंगाबाद गदाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 30,000 वर्ग मीटर (करीब 12 बीघा) जमीन पर काटी जा रही अवैध कॉलोनी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस दौरान भारी विरोध के बावजूद प्राधिकरण का बुलडोजर चलता रहा।
बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहा था विकास कार्य
प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार, हापुड़ रोड स्थित औरंगाबाद गदाना के खसरा संख्या-396 पर ग्लोब शाइन बिल्डर एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। इस परियोजना में निरंजन फौजदार और अनुज चौधरी द्वारा लगभग 6 महीने पहले निर्माण कार्य शुरू किया गया था। स्थल पर कॉलोनाइजर द्वारा सड़कों का निर्माण, बाउंड्रीवॉल और मिट्टी डालने का काम धड़ल्ले से चल रहा था। जब प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्वीकृत तलपट मानचित्र (लेआउट प्लान) की मांग की, तो निर्माणकर्ता कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
विरोध के बीच चला पीला पंजा
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प्रभारी प्रवर्तन जोन 02 के नेतृत्व में पहुंची टीम ने कार्रवाई शुरू की तो कॉलोनाइजर और उनके समर्थकों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। काम रोकने की कोशिश की गई और टीम के साथ तीखी बहस भी हुई। हालांकि, मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल और प्राधिकरण के प्रवर्तन दस्ते ने सख्ती दिखाते हुए स्थिति को संभाला। देखते ही देखते जेसीबी ने अवैध रूप से बनाई गई सड़कों, बाउंड्रीवॉल और साइट ऑफिस को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
ध्वस्तीकरण के बाद संपत्ति सील
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जीडीए की टीम ने न केवल निर्माण को ढहाया, बल्कि मौके पर सीलिंग की कार्रवाई भी सुनिश्चित की ताकि भविष्य में वहां दोबारा निर्माण न हो सके। प्राधिकरण ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किया गया कोई भी निर्माण अवैध माना जाएगा और उस पर इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। मौके पर मौजूद रहे अधिकारी: इस बड़ी कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता, अवर अभियंता, प्रवर्तन जोन 2 का समस्त स्टाफ और प्राधिकरण का विशेष पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले प्राधिकरण से उसके मानचित्र की वैधता की जांच जरूर कर लें।
