गाजियाबाद (शिखर समाचार)। गाज़ियाबाद के वसुंधरा क्षेत्र निवासी प्रतिष्ठित विद्वान डॉ. प्रवीण सारस्वत को हस्तिनापुर में आयोजित हस्तिनापुर साहित्य महोत्सव में हस्तिनापुर साहित्य सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान उन्हें सनातन साहित्य, वेद और भारतीय दर्शन के क्षेत्र में उनके विशिष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है। 11 अप्रैल 2026 को आयोजित इस भव्य एवं गरिमामय समारोह में देश के विभिन्न भागों से आए विद्वानों, संतों एवं साहित्यकारों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
हस्तिनापुर साहित्य महोत्सव में सम्मान समारोह
समारोह में यह सम्मान पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान तथा कर्मवीर महाराज के करकमलों द्वारा डॉ. प्रवीण सारस्वत को प्रदान किया गया। इस अवसर पर लोनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक नंदकिशोर गुर्जर भी मौजूद रहे और उन्होंने डॉ. सारस्वत की उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताया। कार्यक्रम के दौरान विद्वानों ने भारतीय संस्कृति, परंपरा और साहित्य की महत्ता पर भी विचार व्यक्त किए।
डॉ. प्रवीण सारस्वत वर्तमान में वसुंधरा, गाज़ियाबाद में निवास करते हैं और भारतीय विद्या भवन, दिल्ली के ज्योतिष एवं अंक विज्ञान विभाग में प्राध्यापक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने लंबे समय से भारतीय ज्ञान परंपरा, वेद अध्ययन और आध्यात्मिक चिंतन के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दिया है, जिसके कारण उन्हें देशभर में सम्मानित दृष्टि से देखा जाता है। उनके कार्यों ने न केवल अकादमिक क्षेत्र में बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन में भी सकारात्मक प्रभाव डाला है।
पूर्व सम्मान और प्रेरणादायक यात्रा
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डॉ. सारस्वत को पूर्व में भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए भारत विभूति सम्मान से अलंकृत किया जा चुका है, जो उनकी विद्वता और समाज के प्रति समर्पण को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, उनका एक विशेष प्रयास कन्याकुमारी से दिल्ली तक की साइकिल यात्रा भी रहा है, जिसके माध्यम से उन्होंने गाज़ियाबाद का नाम देश-विदेश में गौरवान्वित किया। यह यात्रा उनके दृढ़ निश्चय, अनुशासन और समाज के प्रति समर्पण की भावना का प्रतीक मानी जाती है।
हस्तिनापुर साहित्य सम्मान प्राप्त करना डॉ. प्रवीण सारस्वत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, वहीं यह गाज़ियाबाद जनपद और समूचे क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र के युवा वर्ग को प्रेरणा मिलेगी और वे भी साहित्य, संस्कृति एवं समाजसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
