आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा आवंटियों की लंबे समय से लंबित रजिस्ट्री और नामांतरण (म्यूटेशन) संबंधी समस्याओं को सुलझाने के लिए विशेष शिविर का भव्य आगाज किया गया। प्राधिकरण के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शुरू हुए इस शिविर के पहले ही दिन आवेदकों में भारी उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में पहुंचे आवंटियों ने अपनी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिनमें से कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर उन्हें राहत प्रदान की गई।
विभिन्न योजनाओं से बड़ी संख्या में आवेदन
शिविर के पहले दिन का फीडबैक बेहद सकारात्मक रहा। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार रजिस्ट्री प्रक्रिया के तहत इंद्रप्रस्थ, संजय नगर, मधुबन बापूधाम और प्रताप विहार जैसी सामान्य योजनाओं से 17 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों ने भी उत्साह दिखाते हुए रजिस्ट्री के लिए 17 प्रार्थना पत्र जमा किए।
नामांतरण (म्यूटेशन) के मामलों में सामान्य योजनाओं से 10 और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 20 आवेदन प्राप्त हुए। प्राधिकरण की टीम ने इन सभी आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही शुरू कर दी है।
18 परिवारों को मिला मालिकाना हक
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शिविर की सबसे बड़ी सफलता उन आवंटियों के चेहरे पर दिखी जो वर्षों से अपने नाम दर्ज होने का इंतजार कर रहे थे। प्राधिकरण ने तत्परता दिखाते हुए कुल 18 पुराने लंबित प्रकरणों का पूरी तरह निस्तारण कर दिया। इन सभी सफल आवेदकों को शिविर में ही नामांतरण प्रमाण पत्र सौंप दिए गए, जिससे उनकी संपत्ति से जुड़ी कानूनी बाधाएं दूर हो गईं।
अधिकारियों को सख्त निर्देश, प्रक्रिया में तेजी
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शिविर के सुचारू संचालन को लेकर प्राधिकरण प्रशासन पूरी तरह गंभीर नजर आ रहा है। कार्यों में गति लाने और फाइलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री आवास योजना के 50 प्रकरणों और इंद्रप्रस्थ योजना के 9 प्रकरणों में तत्काल रजिस्ट्री सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि आवंटियों को बार-बार कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें।

पारदर्शिता की दिशा में अहम पहल
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जीडीए की इस पहल को शहरवासियों द्वारा पारदर्शिता और जन-केंद्रित शासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। प्राधिकरण के इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य बिचौलियों की भूमिका को खत्म करना और सीधे आवंटियों को उनके हक दिलाना है। अधिकारियों ने अपील की है कि जिन आवंटियों की रजिस्ट्री या नामांतरण की प्रक्रिया किन्हीं कारणों से रुकी हुई है, वे इस विशेष शिविर का लाभ अवश्य उठाएं।
यह शिविर आगामी दिनों में भी जारी रहेगा, जिसमें आवंटी अपने मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपनी फाइलों की स्थिति जानकर उनका समाधान करा सकते हैं।
