श्रमिकों और कारखाना मालिकों के बीच बेहतर तालमेल की पहल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में प्रशासन, पुलिस व औद्योगिक संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक

Rashtriya Shikhar
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An initiative was taken to improve coordination between workers and factory owners; an important meeting was held at the Greater Noida Authority involving the administration, police, and industrial organizations. IMAGE CREDIT TO AUTHORITY

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)।

जनपद में औद्योगिक शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से रविवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सौम्य श्रीवास्तव ने की। इस दौरान अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुमित यादव, अपर जिलाधिकारी मंगलेश दुबे, विशेष कार्याधिकारी नवीन कुमार सिंह, उद्योग प्रबंधक अरविंद मोहन सिंह तथा पुलिस उपायुक्त प्रवीण रंजन सिंह सहित प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

औद्योगिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी

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बैठक में नोएडा उद्यमी संघ, औद्योगिक व्यापार संघ, भारत उद्योग संघ, औद्योगिक उद्यमी संघ, ग्रेटर नोएडा उद्यमी संघ, लघु उद्योग भारती तथा ईकोटेक-12 औद्योगिक क्षेत्र संघ के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे।

अधिकारियों ने बैठक के दौरान कारखाना विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि श्रमिकों के अधिकारों और हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। अपर जिलाधिकारी मंगलेश दुबे ने कहा कि किसी भी श्रमिक को बिना उचित कारण के कार्य से नहीं हटाया जाएगा। यदि श्रमिकों से अतिरिक्त समय में कार्य कराया जाता है तो उसका भुगतान दोगुनी दर से किया जाएगा और इसमें किसी प्रकार की कटौती नहीं होगी।

वेतन, अवकाश और बोनस को लेकर अहम निर्णय

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उन्होंने बताया कि प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश प्रदान करना अनिवार्य होगा। यदि किसी श्रमिक से रविवार को कार्य लिया जाता है तो उस दिन का भुगतान भी दोगुनी दर से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी श्रमिकों को नियमानुसार बोनस का भुगतान अधिकतम 30 नवंबर तक उनके बैंक खातों में सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार द्वारा घोषित वेतन वृद्धि को लागू तिथि से ही प्रभावी किया जाएगा और सभी श्रमिकों को उसका लाभ दिया जाएगा। प्रत्येक कारखाने में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम हेतु समिति का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्ष महिला होगी। साथ ही शिकायत पेटी की स्थापना अनिवार्य होगी और श्रमिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाएगा।

समय पर वेतन और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर

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अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी श्रमिकों को प्रत्येक माह की 10 तारीख तक एकमुश्त वेतन का भुगतान किया जाए तथा वेतन पर्ची उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। पुलिस उपायुक्त प्रवीण रंजन सिंह ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। इसके लिए श्रमिकों और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है और सभी पक्षों से सहयोग अपेक्षित है।

बैठक के अंत में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सौम्य श्रीवास्तव ने सभी औद्योगिक संगठनों से अपील की कि वे आपसी संवाद और सहयोग के माध्यम से सकारात्मक, सुरक्षित और स्वस्थ औद्योगिक वातावरण बनाए रखें, जिससे क्षेत्र के विकास को और गति मिल सके।

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