14 अप्रैल को बिहार में बड़ा राजनीतिक बदलाव संभव, भाजपा को मिल सकता है पहला मुख्यमंत्री

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
A major political shift may be possible in Bihar on April 14; the BJP could get its first Chief Minister. IMAGE CREDIT TO शिवराज सिंह चौहान प्रोफाइल फोटो

नई दिल्ली/पटना (शिखर समाचार)।

बिहार की राजनीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव होने की संभावना जताई जा रही है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार 14 अप्रैल को राज्य को भारतीय जनता पार्टी का पहला मुख्यमंत्री मिल सकता है। इस संभावित परिवर्तन को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और सभी दलों की नजरें आगामी घटनाक्रम पर टिकी हैं।

भाजपा की तैयारी तेज, शिवराज सिंह चौहान बने पर्यवेक्षक

ALSO READ:https://zeenews.india.com/hindi/india/up-uttarakhand/ghaziabad/photo-gallery-gda-decided-in-meeting-10-crossings-widened-and-beautified-in-ghaziabad/2875019

भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे विधायकों के साथ विस्तृत विचार विमर्श कर सर्वसम्मति से विधायक दल के नेता का चयन कराएं। माना जा रहा है कि विधायक दल की बैठक के बाद ही नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा और उसी दिन इसकी औपचारिक घोषणा भी हो सकती है।

उधर 14 अप्रैल को सुबह 11 बजे राज्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक को उनके वर्तमान कार्यकाल की अंतिम बैठक के रूप में देखा जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे इससे पहले बीआर अंबेडकर की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद उनके मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है।

14 अप्रैल को नीतीश कैबिनेट की अंतिम बैठक संभव

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/the-leadership-of-ceo-rakesh-kumar-singh/

इस पूरे घटनाक्रम पर राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से ही इस बात का अंदेशा था कि नीतीश कुमार को अधिक समय तक पद पर बने नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव और परिस्थितियों के चलते उन्हें इस स्थिति में लाया गया और अंततः उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि नीतीश कुमार इस्तीफा देते हैं, तो उसके तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी अपने विधायक दल की बैठक कर नए नेता का चयन करेगी और राज्य में नई सरकार का गठन तेजी से किया जाएगा। यदि ऐसा होता है, तो यह बिहार के राजनीतिक इतिहास में पहली बार होगा जब भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा।

तेजस्वी यादव का हमला, सियासत में बढ़ी सरगर्मी

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/decorated-a-government-school-with-her-salary/

बिहार की राजनीति में संभावित इस बड़े बदलाव को लेकर आम जनता से लेकर राजनीतिक दलों तक में उत्सुकता बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें 14 अप्रैल पर टिकी हैं, जब यह स्पष्ट हो जाएगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथों में जाएगी और आने वाले समय में बिहार की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

Share This Article
Leave a comment