नकली एनसीईआरटी पुस्तकों के संदेह में गोदाम पर छापेमारी, जांच समिति गठित

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
A warehouse was raided on suspicion of fake NCERT books, and an investigation committee has been formed. IMAGE CREDIT TO REPORTER

मोदीनगर (शिखर समाचार)।
शिक्षा विभाग और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने रविवार को गोविंदपुरी क्षेत्र स्थित संतपुरा कॉलोनी में पुस्तकों से भरे एक गोदाम पर छापेमारी करते हुए उसे सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने वहां से कुछ पुस्तकों के नमूने जांच के लिए अपने कब्जे में लिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद पुस्तकें असली हैं या नकली।

शिकायत के आधार पर प्रशासन की कार्रवाई

ALSO READ:https://zeenews.india.com/hindi/india/up-uttarakhand/ghaziabad/photo-gallery-gda-decided-in-meeting-10-crossings-widened-and-beautified-in-ghaziabad/2875019

उप जिलाधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई अधिवक्ता अंकित मित्तल द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दिल्ली-मेरठ मार्ग पर गोविंदपुरी क्षेत्र में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की नकली पुस्तकों की बिक्री की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक और शिक्षा विभाग की टीम ने संतपुरा कॉलोनी स्थित गोदाम पर छापा मारा।

गोदाम से भारी मात्रा में पुस्तकें बरामद, जांच जारी

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/the-leadership-of-ceo-rakesh-kumar-singh/

छापेमारी के दौरान गोदाम में विभिन्न कक्षाओं की बड़ी संख्या में पुस्तकें मिलीं। टीम ने मौके से कुछ नमूने जांच के लिए लिए और गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। उप जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को मामले की गहन जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। संभावना है कि समिति मौके पर पहुंचकर पुस्तकों की गुणवत्ता और सत्यता की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

पहले भी सामने आ चुका है मामला

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/decorated-a-government-school-with-her-salary/

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, करीब तीन वर्ष पूर्व भी इसी गोदाम संचालक के खिलाफ नकली पुस्तकों के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिससे मामले की गंभीरता बढ़ जाती है। शिकायतकर्ता अंकित मित्तल का कहना है कि गोदाम में नर्सरी से लेकर इंटरमीडिएट तक की पुस्तकें बड़ी मात्रा में रखी गई थीं, जिन्हें विभिन्न विद्यालयों में भेजा जा रहा था।

निजी स्कूलों की भूमिका पर भी उठे सवाल

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/bank-of-baroda-celebrate-118th-foundation-day/

सहायक शिक्षा अधिकारी महिमा दयाल ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही निष्कर्ष निकाला जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई विद्यालय परिसर में पुस्तक बिक्री करता है या किसी विशेष विक्रेता से खरीदने के लिए बाध्य करता है, तो ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा।
गौरतलब है कि एक दिन पूर्व संपूर्ण समाधान दिवस में कांग्रेस नेता सुनील शर्मा ने ज्ञापन देकर आरोप लगाया था कि सीबीएसई से मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकों के स्थान पर महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें लागू की जा रही हैं। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

Share This Article
Leave a comment