मोदीनगर (शिखर समाचार)। तहसील मुख्यालय पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान रोरी और टलहैटा गांव के किसानों ने विद्युत व्यवस्था की गंभीर समस्या को लेकर जिलाधिकारी के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की। यह मुद्दा किसान नेता परमेंद्र आर्य के नेतृत्व में प्रमुखता से उठाया गया। परमेंद्र आर्य ने किसानों के साथ मिलकर बताया कि गांव में विद्युत पोल से तार चोरी हो जाने की घटना को काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक विभाग द्वारा नए तार नहीं डाले गए हैं। इसके चलते गांव में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है और किसानों के साथ-साथ आम ग्रामीणों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों की सिंचाई से लेकर घरेलू कार्य तक प्रभावित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
अधिकारियों की अनुपस्थिति और जिलाधिकारी की नाराजगी
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किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर ही विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता महेश उपाध्याय तथा अवर अभियंता सोमपाल को तत्काल उपस्थित होने के निर्देश दिए, लेकिन दोनों ही अधिकारी समाधान दिवस में उपस्थित नहीं मिले। अधिकारियों की इस अनुपस्थिति को जिलाधिकारी ने अत्यंत गंभीर लापरवाही माना और इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
जिलाधिकारी के तेवर उस समय और सख्त हो गए जब यह स्पष्ट हुआ कि समस्या लंबे समय से लंबित है और संबंधित अधिकारी इस ओर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जनसमस्याओं के प्रति उदासीनता और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता महेश उपाध्याय पर 21 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया। साथ ही अवर अभियंता सोमपाल के तबादले के निर्देश देने की बात कही, ताकि विभाग में जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
कार्रवाई और सुधार के निर्देश
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जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्युत विभाग तत्काल प्रभाव से रोरी और टलहैटा गांव में विद्युत आपूर्ति बहाल कराए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करे। इस दौरान मौजूद अन्य अधिकारियों को भी जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि समाधान दिवस केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह जनता की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण मंच है। यहां प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए। यदि किसी भी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध इसी प्रकार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किसान नेता परमेंद्र आर्य के नेतृत्व में उठाई गई इस समस्या पर जिलाधिकारी की त्वरित कार्रवाई से किसानों में संतोष दिखाई दिया। किसानों ने उम्मीद जताई कि अब जल्द ही गांव में बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से बहाल हो सकेगी और उन्हें राहत मिलेगी।
