मोदीनगर (शिखर समाचार)। तहसील मुख्यालय पर शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान विभिन्न संगठनों द्वारा गैस की किल्लत, कालाबाजारी और निजी स्कूलों में महंगी निजी प्रकाशनों की पुस्तकें लागू किए जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी-अपनी मांगों को लेकर उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपे।
गैस किल्लत और कालाबाजारी के खिलाफ प्रदर्शन
संपूर्ण समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी अजीत सिंह और तहसीलदार रजत सिंह ने लोगों की समस्याएं सुनीं। इसी दौरान भारतीय किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले अध्यक्ष बबली गुर्जर, सत्येंद्र शर्मा, नीरज प्रजापति और निर्दोष खटाना के नेतृत्व में सैकड़ों लोग हाथों में गैस सिलेंडर के चित्र वाले बैनर लेकर नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे।
बबली गुर्जर ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा गैस की कोई कमी न होने की बात कही जाती है, जबकि जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। लोगों को समय पर रसोई गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में एजेंसियों द्वारा कालाबाजारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि शादी और तेहरवी जैसे आयोजनों के लिए लोगों को ऊंची कीमत पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस संबंध में उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया, जिस पर उन्होंने स्वयं जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में दिनेश शर्मा, मोनू गुर्जर और कुलदीप शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।
निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कांग्रेस का विरोध
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वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता सुनील शर्मा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता भी तहसील पहुंचे और निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि सीबीएसई से मान्यता प्राप्त और अन्य निजी विद्यालयों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू न करके निजी प्रकाशनों की महंगी किताबें जबरन लागू की जा रही हैं। साथ ही ये किताबें केवल निर्धारित दुकानों पर ही उपलब्ध कराई जा रही हैं, जहां अभिभावकों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सभी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की पुस्तकों को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश जारी किए जाएं। इस संबंध में भी उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 8 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन में चांद वीर चौधरी, राकेश सोनी, जावेद अहमद, ओमपाल शर्मा और रजनी शर्मा सहित कई लोग शामिल रहे।

डीएम पहुंचे देर से, अधिकारियों पर जताई नाराजगी
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जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मादड़ संपूर्ण समाधान दिवस के समापन से कुछ समय पहले पहुंचे, तब तक अधिकांश प्रदर्शन समाप्त हो चुके थे। मौके पर पहुंचकर उन्होंने मौजूद लोगों की शिकायतें सुनीं और कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने तहसील परिसर स्थित विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर दस्तावेजों की जांच भी की।
