बिजनौर (शिखर समाचार)। जनपद के चर्चित तालिब खालिद बंधु प्रकरण ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। शनिवार को समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। सपा नेताओं ने स्पष्ट कहा कि किसी भी असामाजिक तत्व को जिले की कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए।
सपा प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन सौंपने वालों में सपा के विधायक तस्लीम अहमद, मनोज पारस और रामावतार सैनी शामिल रहे। इनके साथ पूर्व विधायक नईमुल हसन, महिला नेता प्रभा चौधरी, लाखन सिंह पाल और पूर्व जिलाध्यक्ष जाकिर हुसैन सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। सपा ने मांग की कि तालिब बंधुओं का कथित उत्पीड़न तत्काल रोका जाए। साथ ही चांदपुर क्षेत्र के हैजरपुर में हुए प्रशांत सैनी हत्याकांड के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
जांच के दौरान विवाद और गिरफ्तारी
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प्रकरण की शुरुआत उस समय हुई जब पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जांच के दौरान खालिद तालिब की आरा मशीन पर पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान दोनों भाइयों के साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न हुआ। इसके बाद उन्होंने थाने में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। हालांकि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को ही गंभीर धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
भाजपा में मतभेद, अगली सुनवाई 7 अप्रैल
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घटना के बाद सत्ताधारी दल भाजपा के भीतर भी मतभेद की स्थिति सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई को लेकर पार्टी में दो गुट बनते नजर आ रहे हैं। उधर, कानूनी प्रक्रिया के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नरेंद्र कुमार ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 अप्रैल की तिथि तय की है। फिलहाल तीनों आरोपी जेल में हैं और अब सभी की नजर अदालत के आगामी निर्णय पर टिकी हुई है।
