बिजनौर (शिखर समाचार)
जनपद बिजनौर में आज आरजेपी इंटर कॉलेज परिसर में बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का भव्य आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संजय कुमार सप्तम, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुधीर कुमार, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी ज्ञान प्रकाश सिंह, जिलाधिकारी जसजीत कौर, पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार तथा प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंशुमन धुन्ना ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।
विभिन्न विभागों की सहभागिता, मौके पर निस्तारण
मेगा शिविर में जनपद के विभिन्न शासकीय विभागों ने व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की। पुलिस विभाग, नगर पालिका परिषद, तहसील बिजनौर, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, दिव्यांग सशक्तीकरण विभाग, जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय, महिला एवं बाल विकास विभाग, खंड विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा), ग्रामीण विकास विभाग, लघु, कुटीर, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम विभाग, खाद्य सुरक्षा एवं रसद विभाग, डाक विभाग, आवास एवं नगर विकास विभाग, केंद्रीय औद्योगिक एवं सुगंध पादप अनुसंधान केंद्र, परिवहन विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, कौशल विकास विभाग, कृषि एवं वानिकी विभाग, पशुपालन विभाग तथा युवा कल्याण विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा अपने-अपने सहायता काउंटर स्थापित कर आमजन को विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पात्र व्यक्तियों के आवेदन स्वीकार किए और कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कराईं। शिविर के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 172 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना, बाल सेवा योजना, निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना, मातृत्व, शिशु एवं बालिका सहायता योजना सहित अन्य योजनाएं शामिल रहीं। संबंधित विभागों द्वारा स्वीकृति प्रमाण पत्र एवं सहायता पत्र वितरित किए गए, जिससे लाभार्थियों के चेहरे पर संतोष और आत्मविश्वास झलकता दिखाई दिया।
172 लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/grand-cxo-meet-2025-held-at-its-mohan-nagar/
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संजय कुमार सप्तम ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का मूल उद्देश्य समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी व्यक्ति आर्थिक अभाव के कारण न्याय से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समय-समय पर लोक अदालत, विधिक जागरूकता शिविर तथा परामर्श कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सजग करता है।
अधिकारियों ने किया विधिक जागरूकता का आह्वान
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/trans-hindon-cyber-police-40-crore-recovered/
प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंशुमन धुन्ना ने कहा कि विधिक साक्षरता समाज को सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या, पारिवारिक विवाद, भूमि संबंधी विवाद या अन्य प्रकरणों में निःसंकोच जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करें और उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं का लाभ उठाएं। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार ने नागरिकों से कानून के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल प्रशासन से संपर्क करने का आह्वान किया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन के माध्यम से न्यायपालिका और प्रशासन के समन्वित प्रयासों की सकारात्मक छवि सामने आई। अंत में आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे बृहद शिविर भविष्य में भी आयोजित कर अधिकाधिक नागरिकों को विधिक सहायता एवं शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा।
