मोदीनगर (शिखर समाचार) भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विजिलेंस टीम ने मंगलवार दोपहर बड़ी कार्रवाई करते हुए निवाड़ी थाना प्रभारी जयपाल सिंह रावत को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एक मुकदमे से नाम हटाने के बदले यह रकम मांगी जा रही थी। कार्रवाई की सूचना मिलते ही पूरे पुलिस विभाग में हलचल फैल गई।
पोस्टर फाड़ने का मामला बना वसूली का आरोप: पूर्व प्रधान से 50 हजार की मांग का सनसनीखेज दावा
जानकारी के अनुसार निवाड़ी थाना क्षेत्र के अबूपुर गांव निवासी पूर्व प्रधान राकेश कुमार बिट्टू के खिलाफ 2 जनवरी को गांव के ही एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री का पोस्टर फाड़ने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस लगातार राकेश कुमार को पकड़ने के प्रयास में दबिश दे रही थी। आरोप है कि मुकदमे से नाम हटाने के लिए थाना प्रभारी की ओर से 50 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि कुछ दिन पहले थाना प्रभारी स्वयं उसके घर पहुंचकर रकम देने का दबाव बना चुके थे।
राकेश कुमार ने 2 फरवरी को मेरठ स्थित विजिलेंस टीम में लिखित शिकायत दी। शिकायत की जांच के बाद विभाग ने जाल बिछाते हुए विशेष टीम गठित की। दल का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक आजाद सिंह केसरी ने किया। टीम में निरीक्षक कृष्णवीर सिंह, संदीप कुमार, मधु सक्सेना सहित कुल 14 सदस्य शामिल रहे। निष्पक्ष कार्रवाई के लिए जिला अधिकारी गाजियाबाद की ओर से सिंचाई विभाग के लिपिक अमनदीप और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के कर्मचारी बालेश्वर यादव को स्वतंत्र गवाह बनाया गया।
रंगे हाथों घूस लेते धराया थाना प्रभारी, विजिलेंस की सटीक प्लानिंग से खुला खेल
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पूर्व योजना के तहत टीम के दो सदस्य पहले थाने पहुंचे और अपना मोबाइल चोरी होने की सूचना देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही । बताया जाता है कि थाना प्रभारी उन्हें कागजी औपचारिकताओं में उलझाकर रिपोर्ट लिखने से टालते रहे। इसी दौरान तय योजना के अनुसार राकेश कुमार थाना प्रभारी के कक्ष में पहुंचे और 50 हजार रुपये की चिन्हित रकम सौंपी। जैसे ही रकम ली गई, बाहर मौजूद विजिलेंस टीम तुरंत भीतर पहुंची और थाना प्रभारी को पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी ने नोटों की गड्डी फेंकने की कोशिश की, लेकिन टीम ने तत्काल कब्जे में ले लिया। नोटों पर पहले से विशेष रासायनिक पदार्थ लगाया गया था। परीक्षण के लिए जब थाना प्रभारी के हाथ धुलवाए गए तो पानी का रंग लाल हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई। इसके बाद आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
बेगुनाही के सबूत नजरअंदाज, दबाव से टूटा पूर्व प्रधान; विजिलेंस तक पहुंचा मामला
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शिकायतकर्ता राकेश कुमार का कहना है कि जिस समय पोस्टर फाड़ने की घटना बताई गई, उस समय वह मुरादनगर के एक बैंक में अपने काम से मौजूद था। उसने पुलिस को अपनी बेगुनाही के प्रमाण भी दिए, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई और लगातार रकम देने का दबाव बनाया जाता रहा। मजबूर होकर उसे विजिलेंस टीम की शरण लेनी पड़ी।
सहायक पुलिस आयुक्त अमित सक्सेना ने बताया कि विजिलेंस टीम की तहरीर पर निवाड़ी थाने में थाना प्रभारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूरे प्रकरण की सूचना उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और उनके निर्देश पर आगे की जांच और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
