ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। विश्व वेटलैंड दिवस के अवसर पर सूरजपुर वेटलैंड क्षेत्र में प्रकृति, जैव विविधता और पक्षी संरक्षण को केंद्र में रखकर पक्षी उत्सव 2026 का व्यापक और जनसहभागिता वाला आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्य मंत्री के. पी. मलिक ने की। आयोजन का उद्देश्य वेटलैंड संरक्षण, वन्य जीवों की सुरक्षा तथा प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देना रहा। पूरे आयोजन में विद्यार्थियों, पर्यावरण प्रेमियों, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम: वन संरक्षण और विशेषज्ञों की भागीदारी रही उल्लेखनीय
कार्यक्रम में गौतमबुद्धनगर के जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, उच्चतम न्यायालय की केंद्रीय सशक्त समिति के सदस्य चन्द्र प्रकाश गोयल, पश्चिमी क्षेत्र मेरठ के मुख्य वन संरक्षक डॉक्टर के. इलंगो, वन संरक्षक आदर्श कुमार, जिलाधिकारी मेधा रूपम, प्रभागीय वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल, गाजियाबाद की प्रभागीय निदेशक ईशा तिवारी, सेवानिवृत्त प्रभागीय वन अधिकारी प्रमोद कुमार, बुलन्दशहर के प्रभागीय निदेशक हरेन्द्र सिंह तथा वास्तु विशेषज्ञ संजीव शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
राज्य मंत्री ने सबसे पहले वेटलैंड क्षेत्र का स्थल भ्रमण किया। इस दौरान प्रभागीय वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल ने पक्षी अवलोकन भ्रमण, निर्देशित प्रकृति पदयात्रा और प्रकृति पथ गतिविधियों के माध्यम से प्रवासी और स्थानीय पक्षियों, वनस्पतियों, कीटों और अन्य जीवों के पर्यावरणीय महत्व की जानकारी दी। अतिथियों ने विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के आवास और संरक्षण व्यवस्था को भी नजदीक से देखा।
पक्षी उत्सव में हरित संदेश: चित्र प्रदर्शनी, सामूहिक पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण का महत्व प्रदर्शित
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भ्रमण के बाद पक्षी उत्सव के अंतर्गत लगाई गई चित्र प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया गया। प्रदर्शनी में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और पक्षी जीवन पर आधारित छायाचित्र और जानकारी पट्ट लगाए गए थे। इसके बाद सामूहिक पौधरोपण कर हरित संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत से हुई, जिसमें प्रकृति सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन का संदेश प्रमुख रहा। अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
राज्य मंत्री के. पी. मलिक ने कहा कि हर वर्ष दो फरवरी को मनाया जाने वाला विश्व वेटलैंड दिवस लोगों को वेटलैंड क्षेत्रों के महत्व से परिचित कराने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सौभाग्यशाली है जहां दूर देशों से आने वाले प्रवासी पक्षियों को सुरक्षित ठहराव मिलता है। तेज भौतिक और तकनीकी विस्तार के कारण प्राकृतिक तंत्र को नुकसान पहुंचा है और कई पक्षी प्रजातियां समाप्ति के खतरे में हैं, इसलिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
सूरजपुर वेटलैंड: प्रकृति संरक्षण और युवाओं में जागरूकता का महत्वपूर्ण केंद्र
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जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि सूरजपुर वेटलैंड जनपद ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की बहुमूल्य प्राकृतिक धरोहर है। यह विविध जीवों का जीवंत आश्रय स्थल है और इसका संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन बच्चों और युवाओं को प्रकृति से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनते हैं और जनभागीदारी से ही टिकाऊ विकास संभव है।
प्रभागीय वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल ने बताया कि पक्षी उत्सव के दौरान विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में पक्षी दर्शन भ्रमण, निर्देशित प्रकृति पदयात्रा और प्रकृति पथ कार्यक्रम कराए गए। प्रतिभागियों को पक्षियों, पौधों और अन्य जीवों की पारिस्थितिकी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया। सांस्कृतिक विरासत से जुड़े तत्वों को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया।
करीब शून्य दशमलव छह वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला सूरजपुर वेटलैंड अंतरराष्ट्रीय महत्व का रामसर घोषित स्थल है, जो अनेक स्थानीय और प्रवासी पक्षियों का प्रमुख निवास स्थान है। यह पूरा आयोजन सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए निःशुल्क रखा गया और प्रकृति प्रेमियों के लिए ज्ञानवर्धक तथा यादगार अनुभव साबित हुआ। अंत में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
