लन्दन (शिखर समाचार)
भारत और ब्रिटेन के बीच वर्षों से चल रही व्यापार वार्ता अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक, इस वर्ष दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौते की घोषणा होने की पूरी संभावना है। इस समझौते के लागू होने से द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
भारत-ब्रिटेन समझौता: व्यापार और निवेश में नए अवसरों का मार्ग खोलने वाला ऐतिहासिक कदम
ब्रिटिश अधिकारियों ने इसे अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी और व्यापक करार बताया है। इसमें मुख्य रूप से वस्तुओं के आयात-निर्यात पर शुल्क में कटौती, सेवा क्षेत्र को बढ़ावा और निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसे प्रावधान शामिल हैं। इसके अंतर्गत भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में अधिक सुलभ और किफायती प्रवेश मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस समझौते से कपड़ा, चमड़ा, आभूषण, इंजीनियरिंग, रासायनिक और समुद्री उत्पादों जैसे क्षेत्रों को खास लाभ होगा। आईटी, वित्तीय सेवाओं और पेशेवर सेवाओं में भी भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर खुलेंगे। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को विशेष मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ब्रिटेन के साथ व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य: भारत की निर्यात क्षमता और उद्योग मजबूत होंगे
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वर्तमान में भारत और ब्रिटेन के बीच सालाना व्यापार लगभग 56 अरब डॉलर का है। नई डील के लागू होने के बाद दोनों देशों ने व्यापार को आने वाले वर्षों में दोगुना, यानी 112 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। इससे भारत की निर्यात क्षमता बढ़ेगी और घरेलू उद्योग अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में मजबूत बनेंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार समझौते की औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इसे लागू किया जाएगा। इसके लिए दोनों देशों की संसदों की मंजूरी आवश्यक होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं, तो यह समझौता 2026 की पहली छमाही में लागू हो सकता है।
महिला उद्यमियों और छोटे कारोबारियों के लिए गेमचेंजर: नई डील से खुलेंगे रोजगार के नए अवसर
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इस डील में पहली बार महिलाओं और जेंडर आधारित कारोबार के लिए विशेष प्रावधान शामिल किया गया है। इसका लाभ छोटे कारोबारियों, कारीगरों और एमएसएमई को मिलेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
भारत ब्रिटेन का वर्तमान वार्षिक व्यापार लगभग 56 अरब डॉलर है। इस समझौते के लागू होने के बाद इसे 112 अरब डॉलर तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।
2026 की शुरुआत में लागू होगा CETA: भारतीय कारोबारियों को तैयारियों का संकेत
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ब्रिटिश अधिकारियों के अनुसार, व्यापक व्यापार समझौते (CETA) को 2026 की पहली छमाही के भीतर लागू करने की संभावना है। भारतीय कारोबारियों को सलाह दी जा रही है कि वे इसके फायदे उठाने के लिए पहले से ही तैयारियाँ शुरू कर दें।
यह समझौता न केवल भारत और ब्रिटेन के आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई देगा, बल्कि रोजगार, निवेश और व्यापार के नए रास्ते भी खोलेगा। इसका असर कई भारतीय उद्योगों और सेवाओं पर सकारात्मक रूप से देखने को मिलेगा।
