लंदन में नए साल की आतिशबाज़ी के दौरान इज़राइली झंडे को लेकर विवाद

Rashtriya Shikhar
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Controversy over Israeli flag during New Year fireworks in London IMAGE CREDIT TO REPORTER

अरणि गौड़
यूके संवाददाता
लंदन (शिखर समाचार)
ब्रिटेन की राजधानी लंदन में नए साल के स्वागत के दौरान आयोजित भव्य आतिशबाज़ी कार्यक्रम में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब इज़राइल के राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े प्रतीक स्टार ऑफ़ डेविड के स्पष्ट रूप से दिखाई न देने पर लोगों ने नाराज़गी जताई। यह कार्यक्रम थेम्स नदी के किनारे और लंदन आई के आसपास आयोजित किया गया था, जिसे दुनिया भर में लाखों लोगों ने देखा।

प्रदर्शनी में झंडों को लेकर विवाद: स्टार ऑफ डेविड गायब होने पर सोशल मीडिया पर भड़का मुद्दा

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कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशों के झंडों को प्रकाश और प्रोजेक्शन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इसी क्रम में जब इज़राइल का झंडा दिखाया गया, तो कई दर्शकों का आरोप है कि झंडे के बीच मौजूद यहूदी समुदाय का प्रमुख धार्मिक प्रतीक स्टार ऑफ़ डेविड या तो गायब था या बेहद हल्का और अस्पष्ट दिखाई दे रहा था। सोशल मीडिया पर इसके वीडियो और तस्वीरें वायरल होते ही मामला तूल पकड़ गया।

कई लोगों ने इसे केवल तकनीकी चूक मानने से इनकार करते हुए कहा कि किसी भी देश के राष्ट्रीय प्रतीक के साथ इस तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है। कुछ यूज़र्स ने इसे यहूदी विरोधी भावना से जोड़ते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी और लंदन के मेयर सादिक़ ख़ान से स्पष्टीकरण की मांग की।

सिटी हॉल ने विवाद खारिज किया: प्रोजेक्शन में तकनीकी कारणों से झंडे के विवरण अस्पष्ट दिखे

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वहीं मेयर कार्यालय की ओर से सफ़ाई देते हुए कहा गया कि यह जानबूझकर किया गया कृत्य नहीं था। अधिकारियों के अनुसार, आतिशबाज़ी और प्रोजेक्शन के दौरान झंडों को छोटे और गतिशील रूप में दिखाया गया था, जिससे कुछ बारीक विवरण हर समय स्पष्ट नहीं दिख पाए। सिटी हॉल ने किसी भी समुदाय या देश के प्रति अपमान के आरोपों को खारिज किया।

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब ब्रिटेन में यहूदी समुदाय की सुरक्षा और यहूदी-विरोधी घटनाओं को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई है। ऐसे में नए साल जैसे वैश्विक और प्रतीकात्मक कार्यक्रम में यह मामला और भी संवेदनशील माना जा रहा है। हालांकि आयोजकों ने इसे तकनीकी समस्या बताया है, लेकिन यह घटना लंदन के नए साल समारोह पर छाई उस चमक के बीच एक राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दे गई है, जो आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकती है।

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