ग्रेटर नोएडा के ग्राम रोजा महादेवपुर में बाल वीर दिवस पर गूंजा शौर्य और बलिदान का संदेश

Rashtriya Shikhar
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The message of bravery and sacrifice echoed on Bal Veer Day in village Roza Mahadevpur of Greater Noida IMAGE CREDIT TO संघ

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) ग्राम रोजा महादेवपुर में 25 दिसंबर को बाल वीर दिवस के अवसर पर भव्य एवं अनुशासित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन सिख इतिहास के अमर बलिदान बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझावर सिंह, बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह तथा गुरु गोविंद सिंह के समस्त परिवार के त्याग की स्मृति में किया गया। इस अवसर पर वीर बाल दिवस के अंतर्गत बाल पथ संचलन निकाला गया, जो ग्राम से प्रारंभ होकर मंगल पांडे नगर, गौतम बुद्ध नगर तक पहुँचा।

बाल स्वयंसेवकों में जागृत हुई वीरता की प्रेरणा, इतिहास के अदम्य साहस की कहानी

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कार्यक्रम में जिला प्रचार प्रमुख गौतम बुद्ध नगर राकेश के ओजस्वी मार्गदर्शन ने बाल स्वयंसेवकों में अद्भुत ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया। उन्होंने चमकौर के युद्ध में बाबा अजीत सिंह और बाबा जुझावर सिंह के अदम्य साहस का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार मात्र 14 और 18 वर्ष की आयु में उन्होंने मुगल सेना की विशाल शक्ति का सामना करते हुए वीरगति प्राप्त की। साथ ही, अल्प आयु में बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह द्वारा दिए गए महान बलिदान पर प्रकाश डाला गया, जिन्होंने देश, धर्म और कर्तव्य के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

वक्ता ने दिसंबर 1705 की वह हृदयविदारक घटना भी स्मरण कराई, जब माता गुजरी को दोनों साहबजादों के साथ ठंडे बुर्ज में कैद रखा गया। मानवता के नाते भाई मोतीराम मेहरा द्वारा गर्म दूध देने पर उनके पूरे परिवार को वजीर खां के आदेश से जीवित कोल्हू में पीस दिया गया, जिसे इतिहास के सबसे अमानवीय कृत्यों में गिना जाता है। मात्र 7 और 9 वर्ष की आयु में धर्म रक्षा का संकल्प लेने वाले बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने मुगलों के सभी प्रलोभनों को ठुकराते हुए धर्म परिवर्तन से इनकार किया और जीवित दीवार में चुनवाकर अपने अद्वितीय साहस का परिचय दिया।

त्याग और साहस से समाज को सशक्त बनाने का संदेश, संगठन को बताया राष्ट्र की नींव

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कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि आज के समाज को उनके त्याग, साहस और धर्मनिष्ठा से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। कलियुग में संगठन की शक्ति ही जीवन और राष्ट्र को सुदृढ़ बनाने का आधार बनती है यह विचार विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

इस आयोजन में नगर संचालक दुर्गेश, प्रदीप, नगर कार्यवाह रामेंद्र तथा नगर कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रणवीर सिंह सेन ने की, जबकि मुख्य शिक्षक अंश के मार्गदर्शन में घोष दल ने अनुशासनपूर्ण प्रस्तुति दी। पुलिस प्रशासन के पूर्ण सहयोग से कार्यक्रम शांतिपूर्वक एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। थाना बिसरख तथा रोजा याकूब पुलिस टीम के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।

बाल वीर दिवस के इस आयोजन में कुल 157 स्वयंसेवकों ने पथ संचलन में भाग लेकर राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और बलिदान की भावना का सशक्त संदेश दिया।

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