जैन फार्म में आम के 125 पेड़ सूखने के आरोप, जमीन सौदे की आशंका से मचा हड़कंप

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
Allegations of 125 mango trees drying up at Jain Farm, chaos sparked by suspicion of a land deal IMAGE CREDIT TO REPORTER

बिजनौर (शिखर समाचार)
जिले के चर्चित जैन फार्म में 44 बीघा में फैले आम के बाग को योजनाबद्ध तरीके से नष्ट किए जाने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि फार्म मालिक करोड़ों की जमीन सौदेबाजी की तैयारी में पेड़ों की जड़ों में नमक और यूरिया डलवाकर उन्हें सूखने पर मजबूर कर रहा है। आरोपों के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है और प्रशासन ने गंभीरता से जांच प्रक्रिया शुरू की है।

हरे-भरे बाग़ की साँसें छीनने की साज़िश—125 पेड़ों को रसायनों से सुखाने का आरोप

शिकायतकर्ताओं ने एसडीएम सदर और डीएफओ कार्यालय में ज्ञापन देकर बताया कि बाग में लगे हरे-भरे पेड़ों को जड़ से नुकसान पहुंचाने के लिए लगातार रासायनिक पदार्थ डाले जा रहे हैं। इससे करीब 125 पेड़ तेजी से सूखने लगे हैं और पूरा बाग बुरी तरह प्रभावित हो चुका है। आरोप है कि खाली जमीन पर सौदा करना आसान होता है, इसी वजह से पेड़ों को मारने की कोशिश की जा रही है, ताकि जगह को गैर-कृषि गतिविधियों के लिए बेचने का रास्ता साफ हो सके।

WhatsApp Image 2025 11 21 at 6.35.10 PM

मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रशासन ने वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित की है। जांच दल ने मौके पर जाकर पेड़ों की हालत देखी, बाग परिसर का निरीक्षण किया और मिट्टी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए। अधिकारियों के अनुसार रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। आरोप सही पाए जाने पर कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे, जिनमें वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई शामिल होगी। जिले में इससे पहले भी पेड़ कटान और पर्यावरण क्षति के मामलों पर एनजीटी द्वारा भारी जुर्माना लगाया जा चुका है। घटना के बाद क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई बहस छिड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हरे-भरे पेड़ों को यूं ही मरने के लिए छोड़ देना न सिर्फ प्रकृति के साथ अन्याय है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से खिलवाड़ भी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बाग को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

Share This Article
Leave a comment