गाज़ियाबाद (शिखर समाचार)।
राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग लखनऊ के निर्देश पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग गाज़ियाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में कुल 44 वाद नियत थे, जिनमें से 25 वाद आपसी सहमति से निस्तारित किए गए।
लंबित भूमि विवाद और उपभोक्ता मामलों का निर्णायक समाधान
मुख्य रूप से 75 वर्षीय गुरमीत सिंह का वाद भी निस्तारित हुआ। विवाद भूमि पंजीकरण से जुड़ा था, जो लंबे समय से लंबित था। इसके अलावा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 (संशोधित अधिनियम 2005) के तहत दाखिल मामलों का भी समाधान किया गया।
गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण से जुड़े कई मामलों में भी समझौता हुआ। प्राधिकरण बनाम उपभोक्ता से संबंधित मामले 194/2012 व अन्य लंबित वादों में जिला उपभोक्ता आयोग ने समझौते के आधार पर अंतिम रूप से निस्तारण किया।
लोक अदालत में 25 मामलों का सफल निस्तारण, 76.68 लाख रुपये की सहमति से सेटलमेंट
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लोक अदालत में कुल 25 मामलों का निस्तारण करते हुए आपसी सहमति से ₹76,68,500/- (छिहत्तर लाख अड़सठ हजार पाँच सौ रुपये) की धनराशि सेटलमेंट के रूप में तय की गई।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बताया कि लोक अदालत के जरिए लम्बित वादों का समाधान तेजी से हो रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को न्याय समयबद्ध और सुलभ तरीके से मिल रहा है।
